कॉलेजों का नया सेशन शुरू हो चुका है। फर्स्ट इयर के स्टूडेंट्स कॉलेज के नए अनुभव के लिए बेहद उत्साहित हैं लेकिन ऐसे में उन्हें रैगिंग का भी उतना ही डर है।
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इसके साथ ही जम्मू यूनिवर्सिटी कुछ नए कोर्स भी शुरू करने की तैयारी में है। अमर उजाला से खास बातचीत में यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर मोहन पाल सिंह इशर ने सभी मुद्दों पर खुलकर बात की।
जम्मू यूनिवर्सिटी कैंपस में जगह की कमी होती जा रही है, लिहाजा अन्य नए विभागों को खोलना कठिन हो रहा है। ढांचागत सुविधाओं के अभाव में नए विषय लागू करने में केभी मुश्किलें आ रही हैं। विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग सेल तैयार है।
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परिसर में कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए ज्यूडीशियरी और पुलिस के सहयोग से कमेटी का गठन किया गया है। हर साल की तरह इस साल भी रैगिंग पर पूरी नजर रहेगी। हालांकि यहां अब तक रैगिंग का कोई मामला नहीं है, फिर भी इस पर पूरी निगाह रहती है।
22 से होंगे लेक्चरर के लिए साक्षात्कार
विश्वविद्यालय में लेक्चरर और प्रोफेसर के खाली पद को लेकर वीसी ने बताया कि 22 जुलाई से लेकर अगस्त तक खाली पड़े लेक्चरर और प्रोफेसर के पदों के लिए साक्षात्कार होंगे। इसके बाद रिक्त पड़े पद भर जाएंगे।
वहीं, पीजी इलेक्ट्रानिक्स विषय अगले साल से शुरू हो रहा है, जबकि एमटेक इसी साल शुरू हो जाएगा। बीएससी आनर्स कोर्स आरंभ करने का भी विचार है, लेकिन ढांचागत व्यवस्था न मिलने से दिक्कतें हैं।
इसके लिए कैंपस भी छोटा पड़ रहा है। बीएड करने के बाद कई अन्य राज्यों में डिग्री लेकर जाने वाले छात्रों को जम्मू विश्वविद्यालय की बीएड की डिग्री की मान्यता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, इसके जवाब में वीसी का कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं है कि यहां की डिग्री पर सवाल खड़ा हो सके।
1 सितंबर को होगा दीक्षांत समारोह
इस संबंध में कहा कि कालेजों को सख्त हिदायतें हैं कि नियमित रूप से बच्चों को अध्ययन कराएं। नियमितता पर कोई सवाल न खडे किए जाएं। वहीं, बीएड कालेजों की सीटें भी कम करने की योजना है, ताकि स्थिति नियंत्रित रहे।
उन्होंने बताया कि 2007 के बाद अब चौदहवां दीक्षांत समारोह सितंबर में होगा। जिसके लिए तिथि निर्धारित हो चुकी है। पहली सितंबर को जम्मू यूनिवर्सिटी कैंपस में ही दीक्षांत समारोह होगा, जिसमें देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मुख्य अतिथि होंगे। दीक्षांत समारोह के लिए पिछले साल की गठित कमेटी कायम रहेगी।
विभिन्न कार्यों और दायित्वों को बांट दिया गया है, जिसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। लंबे अंतराल की बात जहां तक है, इस पर टिप्पणी नहीं कर सकूंगा। हां पिछले कई साल से माहौल अनुकूल नहीं रहा और इसके पहले चुनाव था।
अब आगे हर साल दीक्षांत समारोह आयोजित करने का पूरा प्रयास होगा। वहीं, यूनिवर्सिटी द्वारा कितनी डिग्रियां प्रदान की जाएंगी, यह फाइनल कहना अभी मुमकिन नहीं है।
हालांकि गोल्ड मेडल के लिए समाचार पत्रों में दिया गया है, ताकि कोई विद्यार्थी अपनी ओर से इसके बारे में समय से क्लेम कर सके। वहीं, यूनिवर्सिटी में पवेलियन का निर्माण हो रहा है। क्रिकेट की पिच तैयार हो रही है। जिम्नेजियम की सुविधा है।
कठुआ, उधमपुर और रामनगर यूनिवर्सिटी कैंपस की स्थिति के बारे में वीसी ने बताया कि कठुआ यूनिवर्सिटी कैंपस में यूजीसी के राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत बीटेक, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रानिक्स कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग कोर्स शुरू होंगे।
उधमपुर कैंपस में कई कठिनाइयों के साथ पढ़ाई शुरू होचुकी है। भवन निर्माण कार्य भी चल रहा है। रामनगर कैंपस में भी इमारत खड़ी की जा रही हैं।