राज्यसभा सांसद वाइको, डॉ. फारूक अब्दुल्ला
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एमडीएमके के संस्थापक और राज्यसभा सांसद वाइको ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को रिहा करने के लिए बुधवार को उच्चतम न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है।
वाइको ने कहा कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई के जन्मदिन पर 15 सितंबर को चेन्नई में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें भाग लेने के लिए उन्होंने डॉ. अब्दुल्ला को आमंत्रित किया है। परंतु पांच अगस्त के आसपास से ही अब्दुल्ला को श्रीनगर में हिरासत में रखा गया है।
अनेक प्रयासों के बावजूद वह उनसे संपर्क करने में असमर्थ हैं। वाइको ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से अब्दुल्ला के करीबी दोस्त हैं। उन्होंने चार अगस्त को अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था।
बाद में 29 अगस्त को जब श्रीनगर के अधिकारियों को पत्र लिखा गया तो कोई जवाब नहीं मिला। वाइको की ओर से एडवोकेट जी आनंद सेल्वम ने याचिका दायर करते हुए सरकार की कार्रवाई को पूरी तरह से अवैध बताया।