सीएम ने शुक्रवार को आईआईएम जम्मू में आयोजित जम्मू-कश्मीर जीसीसी समिट-2026 के उद्घाटन सत्र को नई दिल्ली से ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कंपनियों से केंद्र शासित प्रदेश में जीसीसी स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के बारे में कारोबारियों के बीच बनी छवि तीन दशक की समस्या है। इसे बदलना बड़ी चुनौती है लेकिन अब क्षेत्र में शांति और स्थिरता का माहौल बेहतर हुआ है। सरकार आर्थिक विकास तथा निवेश के जरिए पुरानी सोच को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उमर ने कहा, प्रदेश में निवेश की सफलता को शुरुआत में स्थापित होने वाले केंद्रों की संख्या से नहीं, बल्कि एक टिकाऊ निवेश यात्रा शुरू होने से मापा जाना चाहिए।
सीएम ने कहा कि बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों से कारोबार के अनुभव सीखेंगे। जयपुर, पुणे और मोहाली जैसे शहरों से मुकाबला करते हुए जीसीसी के लिए निवेश आकर्षित करने पर ध्यान देंगे। कहा, देर से शुरुआत करने का फायदा यह है कि दूसरे शहरों के अनुभव से सीखकर उनकी गलतियों से बचा जा सकता है। कंपनियां केवल सहानुभूति के आधार पर निवेश करने नहीं आएंगी, उन्हें यहां कारोबार में फायदा भी दिखना चाहिए। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ जम्मू-कश्मीर की जलवायु भी कंपनियों को आकर्षित करने में मदद कर सकती है।
कारोबार आसान बनाने का कानून बन चुका, अमल करेंगे
सीएम ने बताया कि कारोबार करना आसान बनाने से जुड़ा कानून विधानसभा में पारित हो चुका है और उपराज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई है। अब इसे सही तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि कंपनियों को कारोबार शुरू करने और चलाने में कम मुश्किलें हों।
कंपनियों और शिक्षण संस्थानों के तालमेल पर जोर
समिट में मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नियमों का पालन और एक ही जगह से जरूरी मंजूरियां देने की व्यवस्था आसान बनाने की जरूरत बताई।
श्रम एवं रोजगार सचिव कुमार राजीव रंजन ने जीसीसी के जरिये कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बात रखी। आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बीएस सहाय ने सरकार, कंपनियों और शिक्षण संस्थानों के बीच मिलकर काम करने की जरूरत बताई।
दो दिवसीय समिट में निवेश, रोजगार, नई तकनीक और युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर चर्चा हो रही है। समिट में 45 कंपनियों, 55 से अधिक उद्योग जगत के नेताओं और 300 से ज्यादा प्रतिनिधियों की भागीदारी है।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे
उमर ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है, लेकिन अच्छी नौकरी की तलाश में उन्हें दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। आईआईएम, आईआईटी और प्रदेश के दूसरे शिक्षण संस्थानों से पढ़ने वाले युवाओं को यहीं बेहतर अवसर मिलने चाहिए। जीसीसी खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
उमर ने कहा, सरकार का उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहन करना है ताकि स्थानीय प्रतिभा का उपयोग हो और जम्मू-कश्मीर के युवा क्षेत्र के आर्थिक विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।