फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर के बाद जम्मू में प्लाज्मा थेरेपी की तैयारी, जीएमसी प्रशासन ने मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को लिखा पत्र

Fri, 24 Jul 2020 12:51 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
प्लाज्मा थेरेपी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

कोरोना महामारी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। कश्मीर के बाद जम्मू में भी जल्द प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जीएमसी प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को आधुनिक मशीन के लिए पत्र लिखा है। प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना संक्रमित मरीजों को निगेटिव मरीजों का प्लाज्मा देकर वायरस से लड़ने के लिए उनकी शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने का काम किया जाएगा। कश्मीर में इस थेरेपी के बेहतर नतीजे सामने आए हैं और कोविड मरीजों के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार आया है।

विज्ञापन


कश्मीर के स्किम्स सोरा अस्पताल में 35 संक्रमित मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया है। इसके लिए विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में प्लाज्मा बैंक भी स्थापित किए गए हैं। इस थेरेपी का उद्देश्य खासतौर पर गंभीर मरीजों को पॅाजिटिव से निगेटिव हुए मरीज के शरीर का प्लाज्मा देकर उसमें वायरस से लड़ने के लिए एंटी बॉडी को तैयार करना है।

नई नीति में कोरोना पॉजिटिव मरीज को अब 14 दिन के बजाय अस्पताल में दस दिन रखकर निगेटिव रिपोर्ट आने पर छुट्टी दी जा रही है। इसमें मरीज को कुछ दवाओं के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास किए जाते हैं। जिसमें निगेटिव हुए मरीजों में खुद की शारीरिक एंटी बॉडी ऐसी बन जाती है जो कोविड जैसे वायरस से लड़ने के लिए सक्षम होती है।
विज्ञापन


किसी भी वायरस या वैक्टीरिया से दिए जाने वाले प्रोटीन को एंटीजेन कहते हैं, यह जब मानव शरीर में जाता है तो शरीर खुद ही ऐसी एंटीबाडी तैयार कर लेता है जो वायरस का मुकाबला करता है। लेकिन शारीरिक रूप से कमजोर या पहले से बीमारियों से ग्रसित लोगों में सक्षम एंटीबाडीज विकसित नहीं हो पाती है, जिन्हें प्लाज्मा की जरूरत पड़ती है। यह दान किए गए खून से निकाला जाता है।

विज्ञापन

जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. शशि सूदन का कहना है कि प्लाज्मा थेरेपी को ज्यादातर गंभीर मरीजों पर इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें उनके शरीर के भीतर निगेटिव मरीज की एंटीबाडीज डाली जाती है जो वायरस से लड़ने के लिए सक्षम होती है।

प्रदेश में 8 हजार से अधिक रिकवर हो चुके
जम्मू-कश्मीर में अब तक कोरोना को हराने वाले 8 हजार से अधिक संक्रमित मरीज रिकवर हो चुके है। इसमें जम्मू संभाग में 1800 से अधिक और कश्मीर संभाग में 6 हजार से अधिक मरीज शामिल हैं। इन मरीजों के शरीर में खुद की एंटीबाडीज विकसित हो चुकी है जो कोरोना जैसे वायरस का मुकाबला कर सकती है।

प्लाज्मा थेरेपी को शुरू करने के लिए मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से मशीन के लिए लिखा गया है। इस थेरेपी में मानकों के मुताबिक शारीरिक रूप से मजबूत एंटीबाडीज बनाने वाले व्यक्ति से ही प्लाज्मा लिया जाएगा।- डॉ. नसीब चंद डींगरा, प्रिंसिपल, जीएमसी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें