जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. शशि सूदन का कहना है कि प्लाज्मा थेरेपी को ज्यादातर गंभीर मरीजों पर इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें उनके शरीर के भीतर निगेटिव मरीज की एंटीबाडीज डाली जाती है जो वायरस से लड़ने के लिए सक्षम होती है।
प्रदेश में 8 हजार से अधिक रिकवर हो चुके
जम्मू-कश्मीर में अब तक कोरोना को हराने वाले 8 हजार से अधिक संक्रमित मरीज रिकवर हो चुके है। इसमें जम्मू संभाग में 1800 से अधिक और कश्मीर संभाग में 6 हजार से अधिक मरीज शामिल हैं। इन मरीजों के शरीर में खुद की एंटीबाडीज विकसित हो चुकी है जो कोरोना जैसे वायरस का मुकाबला कर सकती है।
प्लाज्मा थेरेपी को शुरू करने के लिए मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से मशीन के लिए लिखा गया है। इस थेरेपी में मानकों के मुताबिक शारीरिक रूप से मजबूत एंटीबाडीज बनाने वाले व्यक्ति से ही प्लाज्मा लिया जाएगा।- डॉ. नसीब चंद डींगरा, प्रिंसिपल, जीएमसी