गत 13 फरवरी को आठ चरणों में उपचुनाव कराने की अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पंचायत उपचुनाव को सरकार ने अधिसूचना जारी होने के पांच दिन बाद ही स्थगित कर दिया। जिस वक्त चुनाव स्थगन की घोषणा की गई उस समय तक पहले दो चरण के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी थी।
उपचुनाव में हिंसा फैलाने के मिले थे इनपुट
सूत्रों का कहना है कि पंचायत उपचुनाव के दौरान आतंकियों की ओर से व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाने की सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे। इनपुट थे कि पाकिस्तान की ओर से इसके लिए आतंकियों को प्रत्याशियों तथा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में घाटी में प्रत्याशियों की सुरक्षा को मुकम्मल बनाने की चुनौती होगी।
विपक्षी दलों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया था
पंचायत उपचुनाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने प्रत्याशियों की सुरक्षा, मौजूदा हालात, नेताओं पर पाबंदियों आदि मुद्दों को जोर-शोर से उठाया था। उनका कहना था कि चुनाव के लिए हालात अनुकूल नहीं हैं। पहले माहौल को अनुकूल बनाया जाना चाहिए।