लद्दाख में चीन से तनाव के बाद सामरिक महत्व की सड़कों के जाल को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में किश्तवाड़ के पाडर इलाके को लद्दाख के जंस्कार से जोड़ने के लिए सड़क का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्तावित रूट गुलाबगढ़ के पाडर से शुरू होगा जो मचेल और उमाशिला से होकर जंस्कार पहुंचेगा।
इस रूट की हवाई दूरी महज 80 किलोमीटर है। वर्तमान में गुलाबगढ़ से मचेल (31 किमी) तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत परियोजना मंजूर हो चुकी है, जिसे 18 किलोमीटर लंबी अठोली से पलाली और 13 किलोमीटर लंबे पलाली से मचेल तक बनाया जाना है।
उच्च स्तरीय बैठक में इस सड़क के लिए प्रारंभिक फिजिबिलिटी जांचने के आदेश हुए थे। किश्तवाड़ जिला प्रशासन ने ग्रेफ की मदद से रिपोर्ट तैयार कर लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को भेज दी है। रिपोर्ट में सड़क निर्माण की संभावना, रोड कनेक्टिविटी के लिए क्षेत्र का फासला और भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े शामिल किए गए हैं। प्रस्तावित सड़क संपर्क को सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है, जिसके निर्माण का काम बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन को दिया जा सकता है।
5329 मीटर ऊंचे उमाशिला दर्रे से गुजरेगी सड़क
जम्मू-कश्मीर को लद्दाख से सड़क संपर्क देने के प्रस्तावित रूट में पड़ने वाला उमाशिला दर्रे की समुद्र तल से ऊंचाई 5329 मीटर है। पाडर की ऊंचाई 1620 मीटर है जबकि प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मचेल 2958 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। रिपोर्ट के अनुसार मचेल माता से जंस्कार के अक्शू गांव तक ट्रैकिंग रूट है, जो जंगल और ग्लेशियर से होकर गुजरता है।
उच्च स्तरी बैठक में किश्तवाड़ से लद्दाख के लिए सड़क का प्रस्ताव आया था। निर्देश के अनुसार ग्रेफ की मदद से सड़क निर्माण की संभावना पर आधारित रिपोर्ट तैयार की गई है। इसे मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया गया है।
- अशोक कुमार शर्मा, जिला उपायुक्त किश्तवाड़