नवरात्र पर माता वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए धर्मनगरी सज गई है। एक ओर जहां प्रशासनिक स्तर पर सजावट का कार्य किया गया है, वहीं व्यवसायियों ने भी प्रतिष्ठानों को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
धर्मनगरी पहुंचने वाले हर मार्ग पर भव्य स्वागत द्वार बनाया गया है, जो विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। जम्मू मार्ग व भूमिका मार्ग को रंग बिरंगी लडि़यों से सजाया गया है। इस बार महोत्सव का उद्घाटन समारोह रविवार को होगा।
प्रथम नवरात्र शनिवार को निकाली जाने वाली कलश यात्रा की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। प्राकृतिक गुफा व कृत्रिम गुफा के बाहर प्राकृतिक फू लों और फलों से सजावट की गई है। भवन में प्रवेश से पहले एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया गया है, जिससे भवन में भीनी-भीनी खुशबू बिखर रही। इन फूलों और फलों को देश व विदेश से मंगवाया गया है।
मॉक ड्रील से जांची सुरक्षा व्यवस्था
बाणगंगा स्थित प्रवेश द्वार
- फोटो : Amar Ujala
नवरात्र महोत्सव के मद्देनजर धर्मनगरी में उच्च अधिकारियों के दौरे भी लगातार जारी हैं, ताकि इंतजामों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रह जाए।
वहीं, पाकिस्तान से जारी तनावपूर्ण स्थिति के चलते भी सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया जा रहा। एसएसपी सुजीत कुमार के अनुसार किसी भी स्थिति से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए शुक्रवार को पुलिस स्टेशन कटड़ा और बस स्टैंड में दो मॉक ड्रील की गई।
कलश यात्रा से महोत्सव का आगाज
शारदीय नवरात्र पर महोत्सव का आगाज भव्य कलश यात्रा से होगा। शनिवार को यह कलश यात्रा कालिका मंदिर से आरंभ होगी। विभिन्न स्थानों से होते हुए रघुनाथ मंदिर में कलशों की स्थापना की जाएगी।
प्रथम नवरात्र की दोपहर को ही रघुनाथ मंदिर में भागवत कथा आरंभ होगी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सौजन्य से इस भागवत कथा में साध्वी भद्रा भारती श्रद्धालुओं को कथा सुनाएंगी। आयोजन में सरदारी लाल दुबे, रवि, नरेश केसर, मदन पाधा, सोनी पंडित, मोहन लाल आदी का विशेष योगदान है।
कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति
सुरक्षा में तैनात जवान
- फोटो : Amar Ujala
आधार शिविर कटड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सीमा पर तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा इंतजामों को खास तौर से प्राथमिक जा रही। धर्मनगरी के हर प्रवेश द्वार पर कड़ी सुरक्षा जांच के बाद ही वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। भवन मार्ग पर भी यात्रियों के सामान आदि की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच में डाग स्क्वायड का भी इस्तेमाल किया जा रहा।
सीआरपीएफ, सेना का भी सहयोग
इक्कीसवें नवरात्र महोत्सव के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस को सीआरपीएफ व सेना भी सहयोग कर रही। जम्मू मार्ग पर मूरी चेक पोस्ट, नोमाई चेक पोस्ट, कश्मीर मार्ग पर पैंथल चेक पोस्ट, सैरली चेक पोस्ट, रियासी मार्ग पर बालनी चेक पोस्ट पर हर वाहनों की गहन जांच की जा रही। महिला पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की गई है। विभिन्न मार्गों पर जांच के लिए मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं।
प्रमुख स्थलों पर सादी वर्दी में जवान तैनात
एएसपी सुमीर कोतवाल के अनुसार ऐसी जांच की प्रक्रिया अक्सर रहती है। हालांकि वर्तमान हालात में अधिक सतर्कता भरती जा रही है। हर आयोजन स्थल पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के आदेश जारी किए जा चुके हैं। पहाड़ी क्षेत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ व सेना के हवाले है। भवन मार्ग पर भी अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। वहीं प्रमुख स्थलों पर सादी वर्दी में जवान तैनात किए गए हैं।