पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर ने स्नो-फ्लोवर वाहन के केबिन में महिला और परिवार को अस्पताल भेजा
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जम्मू-कश्मीर में पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल विंग पुंछ के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और विभाग के कर्मचारियों के कठिन प्रयास से वीरवार को एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे की जान बच गई। जानकारी के अनुसार मंडी तहसील के दूरदराज के गांव डन्ना निवासी मोहम्मद सदीक की पत्नी सकीना बी (24) को शाम करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा होने लगी। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे करीब करीब पांच किलोमीटर तक पांच फीट तक हुई बर्फबारी में कंधे पर बैठा कर लोरन स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाया। वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मी ने उसे मंडी उपजिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
लोरन से मंडी पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बर्फ में फंसी होने और आगे सड़क बंद होने से गर्भवती महिला को किसी अन्य तरीके से मंडी पहुंचाने की बात कही। इस पर पीड़ित परिवार ने लोरन थाने में अपनी परेशानी बताई, तो पुलिस ने इस मामले की जानकारी पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल विंग पुंछ के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कमल ज्योति शर्मा से फोन पर बात कर उनसे कुछ मदद करने को कहा। इस पर शर्मा स्वयं अपने कुछ कर्मचारियों के साथ मंडी तहसील मुख्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने स्नोकटर मशीन को अपने वाहन के आगे लगा कर मंडी से लोरन की तरफ सड़क से बर्फ हटवाते हुए आगे जाना शुरू किया।
इस दौरान लोरन में तैनात स्नोफ्लोवर मशीन के चालक को उन्होंने फोन पर गर्भवती महिला और उसके परिजनों को मशीन के पीछे बने कैबिन में सवार कर बर्फ हटाते हुए मंडी की तरफ आने के निर्देश दिए। स्नोफ्लोवर मशीन का चालक गर्भवती महिला और उसके परिजनों को लेकर पांच बजे लोरन से मंडी के लिए निकला। करीब छह बजे महिला को मंडी उपजिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस बारे में महिला के परिवार के सदस्य मोहम्मद सदीक और उसके भाई जफर इकबाल का कहना था कि अगर समय पर लोरन पुलिस और मेकेनिकल विंग के अधिकारी मदद न करते तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी।