नेपाल में भूकंप के बाद मंदिरों के शहर में दहशत का माहौल बना हुआ है। खासतौर पर उन लोगों को अपनी जिंदगी की चिंता सताने लगी है, जो पुराने शहर की खस्ताहाल इमारतों में रहने को मजबूर हैं। नगर निगम की ओर से एक दर्जन के करीब लोगों को ताजा नोटिस दिए गए हैं।
इसके साथ ही उन्हें प्रेरित किया जा रहा है कि कोई अनहोनी होने से पहले ही वे किसी सुरक्षित स्थान में चले जाएं, लेकिन बरसों से रह रहे लोग किसी न किसी मजबूरी या फिर पुश्तैनी घर को छोड़ना नहीं चाहते हैं। नगर निगम की ओर से पुराने शहर में खस्ताहाल करीब एक दर्जन इमारत के मालिकों को नोटिस दिए गए हैं।
पुराने शहर में फिलहाल सर्वे चल रहा है। निगम अधिकारियों का दावा है कि रिपोर्ट जल्द ही तैयार की जाएगी। सरकारी नक्शे के मुताबिक अगर निर्माण सही ढंग के साथ किया जाए, तो मकान की बुनियाद पचास साल है, लेकिन अगर सही प्लींथ नहीं भरा जाता है।
सरिया कम है या अन्य मैटेरियल में अभाव है तो मकान की बुनियाद पचास का दावा नहीं किया जा सकता है। इन दिनों में पुरानी या असुरक्षित इमारतों में मकान के मालिक को कहीं और जगह पर रह रहे हैं, लेकिन वहां प्रवासी मजदूरों या गरीब तबके के लोगों को रखा गया है।
कुछेक मरम्मत करके उससे काम चलाया है तो कहीं आर्थिक रूप से गरीब लोग वहीं पर रहने के लिए मजबूर हैं।
निर्माण के दौरान नक्शा अनिवार्य: कमिश्नर
नगर निगम कमिश्नर सौजन्य शर्मा के मुताबिक निर्माण के दौरान नक्शे को महत्व देना बहुत जरूरी है, क्योंकि नक्शे में मकान का आगे का फ्रंट, पिछला फ्रंट, प्लींथ आदि के बारे में बराबर जानकारी दी जाती है नक्शे के मुताबिक निर्माण करने से मकान की नींव बहुत ही मजबूत होती है।