- ग्रामीण इलाकों में मंगलवार दोपहर एक बजे हुई आपूर्ति बहाल, अधिकांश जगहों पर टूटे बिजली के तार
- 70 से ज्यादा खंभे हुए क्षतिग्रस्त, पांच से ज्यादा ट्रांसफार्मर जले
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सोमवार को सायं साढ़े पांच बजे आए तूफान के कारण बिजली ढांचे को 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सायं साढ़े पांच बजे बिजली बंद हुई तो रात दो बजे ही शहर में बहाल हो पाई। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में मंगलवार दोपहर एक बजे बिजली की आपूर्ति हुई। बिजली न होने के कारण पानी की किल्लत शहर में गहरा गई। लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिला। कुल 30 एमजीडी पानी की आपूर्ति शहर में हुई। लोग परेशान रहे। टैंकरों से भी पानी की आपूर्ति की गई।
तूफान से 70 से ज्यादा बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहीं कई जगहों में तार टूटे। पांच से ज्यादा ट्रांसफार्मर जले हैं। इस कारण बिजली आपूर्ति बहाल करने में काफी समय लगा। शहर के रेजीडेंसी रोड, बजालता, मुट्ठी, मीरां साहिब और नरवाल में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। बिजली कारपोरेशन के अनुसार तारों पर पेड़ गिरे। इसमें नगरोटा, नरवाल, गांधी नगर, शास्त्री नगर, मीरां साहिब, बिश्नाह, मुट्ठी, कैनाल रोड, तालाब तिल्लो रोड सहित शहरभर में देर रात तक टहनियों को तारों से हटाने का काम चलता रहा। क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को रात को ही बदला गया। शहरी इलाकों में रात दो बजे और जिले के ग्रामीण इलाकों में अगले दिन दोपहर एक बिजली की पूर्ति हो पाई। परेड में तूफान से पुलिस का सिग्नल टावर गिर गया। करीब 12 बजे रात बजे बिजली की आपूर्ति हुई। इस दौरान पुलिस के जरूरी संदेशों का अदान प्रदान नहीं हो पाया। बिजली न होने के कारण शहर भर में पानी की किल्लत रही। पुराने शहर के मोती बाजार, पुरानी मंडी, जुलाखा मोहल्ला, पक्का डंगा इलाकों में पानी नहीं आया। इसके अलावा जानीपुर, सुभाष नगर, रिहाड़ी में पानी न आने पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई है। तालाब तिल्लो, बोहड़ी, राजपुरा चुंगी सहित शक्ति नगर में 30 मिनट ही जल आपूर्ति हुई।
इसी तरह ग्रेटर कैलाश, एक्सटेंशन त्रिकुटा नगर, नरवाल, सुजवां में भी पेयजल की किल्लत रही। रात को बिजली गुल होने के कारण जल शक्ति विभाग के स्टोरेज टैंकों में मोटर बंद रहीं। इस कारण जरूरत के हिसाब से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। कुल 30 एमजीडी पानी की आपूर्ति शहरभर में हुई। इस कारण लोग परेशान रहे।
कोट
तेज हवा चलने से बिजली ढांचे को नुकसान हुआ है। शहर में सोमवार रात दो बजे आपूर्ति बहाल हुई जबकि ग्रामीण इलाकों में मंगलवार दोपहर एक बजे बिजली आई। जगह-जगह पेड़ों की टहनियां गिर गईं थीं।
- अवनीत गुप्ता, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन
कोट
बिजली कट लंबा लगने के कारण परेशानी आई। मंगलवार को पानी की आपूर्ति की गई है जहां पर पानी नहीं आया, यहां टैंकर भी भेजे गए।
- संदीप डोगरा, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग