बिजली संकट से जूझ रही जम्मू-कश्मीर रियासत को रामबन जिले में चिनाब दरिया पर बन रही बगलिहार दो पनबिजली परियोजना से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि परियोजना का निर्माण कार्य अगस्त महीने में पूरा होने की डेडलाइन निर्धारित है।
लेकिन माना जा रहा है कि इसे पूरा होने में एक से दो महीने का समय लग सकता है। 450 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता की परियोजना से बिजली की मांग और उपलब्धता में बढ़ रहा अंतर कम हो पाएगा।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्टेट सेक्टर के तहत जम्मू कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन की ओर से निर्माणाधीन पन बिजली परियोजना 2008 में कमीशन बगलिहार पन बिजली परियोजना एक के करीब ही तैयार हो रही है।
2012 में बगलिहार दो परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ और अब यह परियोजना निर्माण के आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना में डेढ़-डेढ़ सौ मेगावाट की तीन टरबाइन से बिजली उत्पादन होगा।
पहली दो टरबाइन पर निर्माण कार्य आखिरी चरण में पहुंच चुका है और सितंबर या अक्तूबर से यहां से बिजली उत्पादन शुरू हो सकता है। तीसरी टरबाइन से बिजली उत्पादन अप्रैल 2016 से शुरू करने की तैयारी है। हालांकि इसमें कुछ देरी भी हो सकती है।
बगलिहार पन बिजली परियोजना दो में बेल्जियम, जर्मनी और फ्रांस से मंगवाई गई आधुनिक मशीनरी का प्रयोग किया जा रहा है। परियोजना में सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है और टरबाइन साइट, ट्रांसफार्मर स्थापित करने आदि का काम जारी है।