जम्मू। कृषि अर्थव्यवस्था में आलू की भूमिका अहम है। अब किसान आलू उगाने में दिलचस्पी लेने लगे हैं और इससे कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिल रही है। इससे किसान खुद की जरूरत तो पूरा कर ही रहे हैं, साथ ही इसे बेच भी रहे हैं।
यह बात अंतरराष्ट्रीय आलू दिवस पर कृषि निदेशालय में हुए सेमिनार में निदेशक एएस रीन ने कही। उन्होंने कहा कि आलू मुख्य भोजन में शामिल है। प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में 900 हेक्टेयर भूमि पर आलू की खेती होती है तो मैदानी इलाकों में दो हजार हेक्टेयर में इसकी पैदावार है। मैदानी क्षेत्रों में कुफरी सिंदूरी, कुफरी बादशाह, कुफरी पुखराज, कुफरी सूर्या, चिप्सोना प्रथम और ख्याति और पहाड़ी क्षेत्रों में कुफरी ज्योति, कुफरी हिमालिनी, कुफरी हिमसोना, कुफरी चंद्रमुखी को बोया जा रहा है।
उन्होंने अच्छी पैदावार के लिए आलू ट्रांसप्लांटर जैसी मशीनीकृत तकनीकों को अपनाने की सलाह भी दी। उन्होंने किसानों को कृषि में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए वैज्ञानिक और जलवायु-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने को कहा। युवा किसानों और कृषि उद्यमियों को समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) के तहत उन्नत आलू की खेती और प्रसंस्करण इकाइयों में अवसरों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।