जीएमसी में मरीज का कार्निया प्रत्योरपण करती नेत्र विभाग के डाक्टरों की टीम।
जम्मू। वाल्मीकि कालोनी जम्मू का एक 30 वर्षीय युवा दुनिया को अलविदा कहने के बाद दो जरूरतमंदों को अपने नेत्र (कार्निया) देकर रोशनी दे गया। युवक के परिवारवालों ने बताया कि उनका लाडला उनके पास न होने के बाद भी दूसरों को नया जीवन देने का काम कर रहा है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू में किसी ऐसे पहले मरीज का नेत्रदान किया गया है। जिसके बाद जीएमसी जम्मू में दो जरूरतमंद लोगों को उसके कार्निया प्रत्यारोपित किए गए हैं।
बताया गया कि गत मार्च में बाहू प्लाजा क्षेत्र में एक सड़क हादसे का शिकार होने के बाद उक्त युवक को जीएमसी के बाद सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में न्यूरोसर्जरी में इलाज दिया जा रहा था। लेकिन लंबे उपचार के बाद उसने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। इसके बाद सोटो (स्टेट आर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गेनाजेशन) की ओर से उसके परिवारवालों को उसके कार्निया दान करने की अपील की गई। सोटो के प्रत्यारोपण समन्वयक इरफान अहमद लोन ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि उक्त युवक का उपचार के दौरान निधन हो गया है, जिसके बाद हमने परिवारवालों को उसके कार्निया दान के लिए अपील की। उनकी काउंसिलिंग करते हुए बताया गया कि किसी भी मृत शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को दूसरे जरूरतमंदों में प्रत्यारोपण करके उन्हें नया जीवन दिया जा सकता है, इस पर परिवारवाले दस मिनट में ही उनके कार्निया दान करने के लिए मान गए। जिसके बाद जीएमसी के नेत्र विभाग से विशेषज्ञों की टीम ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आकर युवक के कार्निया निकाले और फिर जीएमसी में दो जरूरतमंद लोगों में (55 व 60 वर्ष के दो पुरुष) प्रत्यारोपित किए। प्रत्यारोपण टीम में नेत्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय काय, रजिस्ट्रार डाॅ. मालविका, डाॅ. मनप्रीत, सिस्टर इंचार्ज रिफात अहमद और एमटीएस अंजुमन शामिल रहे। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. रेहाना खुर्शीद और उप चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. संजोगिता सूदन ने युवक के कार्निया दान के लिए उनके परिवारवालों की सराहना की है। उन्होंने अपील की कि ऐसे मृत मामलों में परिवारवालों को जरूरतमंद लोगों के जीवन को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण अंगों को दान करने के लिए आगे आना चाहिए।
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घर में सभी में प्रिय था दानी युवक
जम्मू। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कार्निया दान करने वाले युवक के मासी के लड़के सन्नी ने बताया कि कार्निया दान करने वाले का घर में एक बड़ा भाई और एक छोटी बहन है। वह घर में सभी में प्रिय था। लेकिन कुछ माह पहले सड़क हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट लग जाने से उसका उपचार चल रहा था। आज जब सोटो के लोगों ने कार्निया दान के लिए उनसे अपील की तब उसके पिता, भाई और माता जी भी वहीं पर थे और उन्होंने बिना सोचे उसके कार्निया दान के लिए हामी भर दी। हम चाहते हैं कि ऐसे मामलों में सभी लोगों को महत्वपूर्ण अंगों को दान करने के लिए पहल करनी चाहिए। इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दिया जा सकता है।