शहर के पाश इलाकों में सड़क किनारे कचरे के ढेर लगने लगे हैं। इन इलाकों में डस्टबिन या कंटेनर नहीं लगाए गए हैं। जहां रखे भी गए, वहां स्थानीय लोगों को ऐतराज है। नतीजतन, नगर निगम के पास कंटेनर और डस्टबिन वर्कशाप में पड़े बेकार हो रहे हैं। शहर को साफ बनाए रखने के लिए नगर निगम ने डस्टबिन और कंटेनर लगाने की योजना बनाई थी।
शहर के गांधीनगर, त्रिकुटा नगर, शास्त्री नगर, सैनिक कालोनी सहित कई इलाकों में कचरे के ढेर लग रहे हैं। कुछ ही जगह कंटेनर रखे गए हैं। अधिकतर इलाकों में निगम की रोजाना गाड़ी आती है और खुले में फैले कचरे के ढेर को उठाकर ले जाती है। नगर निगम के पास दर्जनों डस्टबिन और कंटेनर हैं, जिन्हें प्रयोग में नहीं ला जा रहा है। लोगों की मांग है कि कचरे के ढेर हटवाएं जाएं।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोग अपने घरों तथा दुकानों के आसपास कंटेनर रखने पर विरोध जताते हैं। ऐसे में उपयुक्त जगह नहीं मिलने के कारण डस्टबिन या कंटेनर लगाना काफी मुश्किल हो जाता है। सफाई रखने के लिए निगम को लोगों के सहयोग की जरूरत है।