पुंछ जिले के भाटादूड़ियां इलाके में सैन्य वाहन पर आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए। एक जवान गंभीर रूप से घायल है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकी संगठन पीएएफएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
यह आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का सहयोगी बताया जा रहा है। श्रीनगर में अगले महीने 22 से 24 मई के बीच जी-20 की बैठक को देखते हुए पुलिस ने सेना को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है। पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बृहस्पतिवार दोपहर बाद तीन बजे के करीब सेना की 49 राष्ट्रीय राइफल (आरआर) का एक सैन्य वाहन भिंबर गली से गांव संगयोट स्थित सैन्य मुख्यालय की तरफ जा रहा था।
इस दौरान भाटादूड़ियां और तोता गली के बीच अचानक आतंकियों ने घने कोहरे व बारिश के बीच इस वाहन पर हमला कर दिया। पहले उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, फिर ग्रेनेड से हमला किया। ग्रेनेड हमले से वाहन में लगी भयंकर आग की चपेट में आने से पांच जवान शहीद हो गए।
बारिश और कम दृश्यता के कारण उन्हें हमले के बाद आसानी से भाग निकलने का मौका मिल गया। पीएएफएफ जम्मू कश्मीर में लंबे समय से वारदात को अंजाम दे रहा है। इसका नाम घाटी में टारगेट किलिंग में भी सामने आ चुका है। प्रदेश से आर्टिकल 370 हटने के बाद इस संगठन ने धमकी भरे संदेश वायरल करवाए थे।
केंद्र सरकार ने सात जनवरी को पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) और इसके सभी समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत यह कार्रवाई की है। पीएएफएफ वर्ष 2019 में प्रतिबंधित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के प्रॉक्सी संगठन के रूप में उभरा।
पीएएफएफ लंबे समय से भारतीय सुरक्षा बलों, राजनीतिक नेताओं और जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को लेकर धमकी देता रहा है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, पीएएफएफ अन्य संगठनों के साथ जम्मू कश्मीर और देश के अन्य प्रमुख शहरों में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए सक्रिय रूप से साजिश रचने में शामिल है।
इसके लिए वह सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहा है पीएएफएफ आतंकवादी संगठन है और यह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है। पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। पीएएफएफ ने बीते साल जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एक सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें चार सैनिक मारे गए थे।
इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया था। पीएएफएफ आतंकी समूह अंसार गजवत-उल-हिंद के मारे गए कमांडर जाकिर मूसा से भी प्रेरित है और इसका झुकाव वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा की तरफ है।
तस्वीरों में दिख रहे अधजले शव
घटनास्थल पुंछ से 90 किलोमीटर दूर है। घटनास्थल की तस्वीरों में वाहन में आग और सैनिकों की अधजले शव जमीन पर पड़े नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोग व सेना के जवान आग बुझाते दिख रहे हैं।