आतंकी हमले के पुंछ के जंगलों में चलाया गया तलाशी अभियान
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सेना को पुंछ जिले में लगातार आतंकी संगठनों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में सेना को सबसे अधिक क्षति इसी जिले में पहुंच रही है। कश्मीर का उड़ी हमला छोड़ दिया जाए तो सेना पर सबसे बड़े हमले पुंछ जिले में ही हुए हैं। इनमें दो सैन्य जवानों के सिर काटने तक की घटना भी शामिल है।
बीते दो साल से सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें इसी जिले में ज्यादा हुई हैं। इस जिले में 2013 से लेकर अब तक भारतीय सेना पर पाकिस्तानी आतंकियों ने चार बड़े हमले किए हैं। इनमें 21 भारतीय जवान शहीद हुए हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि इन चारों हमलों में जवाबी कार्रवाई में एक भी आतंकी नहीं मारा गया गया।
8 जनवरी, 2013
पुंछ जिले की एलओसी के पास मनकोट इलाके में भारतीय सेना के गश्त कर रहे दल पर पाकिस्तान की बैट टीम ने घात लगाकर हमला किया। इस हमले में पाकिस्तानी सेना और आतंकियों ने मिलकर दो भारतीय जवानों के सिर काट लिए। एक जवान का सिर काटकर दहशतगर्द अपने साथ पाकिस्तान में ले गए।
7 अगस्त, 2013
पुंछ जिले के चकां दा बाग में 500 मीटर अंदर तक पाकिस्तान की बैट टीम के सदस्य भारतीय सीमा में घुस आए। इस टीम में पाकिस्तानी सेना, लश्कर के आतंकी और पैरा कमांडो थे। ये लोग भारतीय सीमा में घुस आए और घात लगाकर सेना के गश्ती दल पर हमल किया। इसमें सेना के चार जवान शहीद हो गए।
11 से 20 अक्तूबर, 2021
पुंछ जिले के ही मेंढर और सुरनकोट के भटादूड़िया और गुरसाईं के जंगलों में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के जीसीओ समेत नौ जवान शहीद हो गए। जबकि एक भी आतंकी जवाबी कार्रवाई में नहीं मारा गया। करीब एक महीने तक सेना की ओर से ड्रोन, हैलिकाॅप्टर और पैरा कमांडो की मदद से जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन कोई आतंकी नहीं मिला।
20 अप्रैल, 2023
अब ताजा मामला भटादूड़िया के जंगल का ही है। यहां पर आतंकियों ने फिर से कायरतापूर्वक पांच जवानों पर हमला कर दिया। उनके वाहन को आग लगा दी।