पुंछ में सैन्य वाहन पर हमला सीमा पार से आए आतंकियों ने किया था। जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार जिस बर्बरता से हमला किया गया, वह आतंकियों के फिदायीन और पाकिस्तानी होने का इशारा कर रहा है। आतंकियों ने वीरवार को हुए हमले को नक्सलियों की तर्ज पर अंजाम दिया था और घात लगाकर दोनों ओर से गोलियां बरसाईं।
एक आतंकी ने सामने से आकर सैन्य वाहन को रोका, जबकि दूसरी तरफ से बाकी आतंकियों ने गोलियां बरसाईं। इसके बाद ग्रेनेड दागे गए। दहशतगर्द मात्र 10 मिनट में हमले को अंजाम देकर फरार हो गए। सेना ने शुरुआती जांच में वाहन के दोनों तरफ गोलियों के कई निशान पाए हैं।
सेना और सुरक्षा एजेंसियों को राजोरी-पुंछ सेक्टर में दो समूहों में सक्रिय 6-7 आतंकियों की मौजूदगी का इनपुट मिला है। इनकी तलाश में सेना तथा पुलिस ने 12 किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार को भाटादूड़ियां जंगल को घेरे रखा।
खोजी कुत्ते, ड्रोन और हेलिकॉप्टर से तलाशी ली गई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने भी सबूत जुटाए। बम निरोधक दस्ता व एसओजी की टीम भी जांच में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, बरामद सबूतों को एफएसएल तथा फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
श्रद्धांजलि के बाद तिरंगे में लपेट पैतृक गांव भेजा
आतंकी हमले में शहीद हवलदार मंदीप सिंह, लांसनायक कुलवंत सिंह, सिपाही हरकिशन सिंह, सिपाही सेवक सिंह (सभी पंजाब के) और लांसनायक देबाशीष (ओडिशा) के पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटकर शुक्रवार को पैतृक निवास के लिए विदा किए गए। इससे पहले उन्हें राजोरी के सैन्य अस्पताल में श्रद्धांजलि दी गई।
हिरासत में लेकर संदिग्धों से पूछताछ
पुंछ हमले में 12 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। आतंकी समूह की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि यह समूह इलाके में एक साल से सक्रिय है। इसमें स्नाइपर भी शामिल हैं। अफसरों ने बताया कि यह क्षेत्र बेहद दुर्गम है। हमलावरों को इलाके की अच्छी जानकारी होने का मतलब है कि वे लंबे समय से यहां टिके हुए थे। यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स का माना जाता है। इसका कमांडर रफीक यहीं का रहने वाला है।
शहीदों के शरीर से निकालीं 12 से अधिक गोलियां
पोस्टमार्टम के दौरान शहीद जवानों के शरीर से एक दर्जन से अधिक गोलियां निकाली गईं। इनमें से चार को तीन से चार गोलियां लगी थीं। वहीं, एक जवान को कोई गोली नहीं लगी थी, लेकिन वह बुरी तरह से झुलस चुका था कि उसका शरीर सिकुड़ गया था।