पौनी। कस्बे के साथ लगते कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां लोगों को सड़क तो मिली पर आज तक यात्री वाहन की सुविधा नहीं मिली। इन गांवों के लोग आज भी अपने वाहनों पर या फिर बिना वाहनों के लोग पैदल सफर तय करने को मजबूर हैं।
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पौनी से थोर्नी के दायरे में कई गांव आते हैं जिसमें सुंगल, केंका, नार मयूर,थोर्नी आदि गांव हैं। यहां के रहने वाले बच्चों को स्कूल आने के लिए सात आठ किमी का पैदल सफर तय करना पड़ता है। संवाद