-युवा चाहते हैं अर्द्धसैनिक बलों में विशेष भर्तियां खुले, भ्रष्टाचार पर लगाम लगे
इसके साथ कमलेश कुमारी, फती फातमा, कुलदीप राज, लक्षमण सिंह, त्रृप्ता देवी, दिव्यांशी, बलवीर सिंह अरोड़ा, अजय अबरोल, बिशाखा, जीत कौर, विक्रम सिंह, शालू देवी का फोटो पीएच 1 में डाला गया है। हर फोटो से पहले कानाचक्क...लिखा गया है, देख लें।
अमर उजाला ब्यूरो
ग्राउंड रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय सीमा कानाचक्क से
छह साल से शांत चल रहे बार्डर के लोग खुश हैं। लोकतंत्र के पर्व के दूसरे चरण में मतदान करने पहुंचे लोगों ने कहा कि बस यूं ही बार्डर शांत रहे और हमारा विकास होता रहे। सबको नई सरकार से ढेर सारी उम्मीदें हैं। युवाओं काे रोजगार की आस है। अर्द्धसैनिक बलों में विशेष भर्तियां की मांग और भ्रष्टाचार पर लगाम यहां का मुद्दा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब तीन किमी. दूरी पर स्थित सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल झिड़ी में मतदान करने पहुंचीं कमलेश कुमारी (55) निवासी कल्याणपुर ने कहा कि हमारे दिलों में पाक के गोलों का डर बैठ गया था। मतदान करने पहुंची 97 वर्षीय फती फातमा निवासी कल्याणपुर ने कहा कि आज बदलाव नजर आ रहा है। पहली बार मतदान करने पहुंचे 21 वर्षीय कुलदीप राज ने कहा कि युवाओं को नई सरकार से कई उम्मीदें हैं।
पहली बार मतदान करने पहुंचे 22 वर्षीय लक्ष्मण सिंह ने कहा कि हमें राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए। आरक्षण के मुद्दे पर नई सरकार को समानता लाकर काम करना चाहिए। इसी तरह सीमा से करीब एक किमी. दूरी पर स्थित सरकारी मिडिल स्कूल कानाचक्क में मतदान करने पहुंचीं बुजुर्ग तृप्ता देवी ने कहा कि सरकार को बुजुर्गों के कल्याण के लिए कदम उठाने चाहिए। पहली बार मतदान के लिए पहुंची 20 वर्षीय दिव्यांशी जम्वाल ने कहा कि मैं चाहती हूं कि हमारे क्षेत्र में सड़क संपर्क में सुधार लाया जाए। 76 वर्षीय बलवीर सिंह अरोड़ा निवासी कानाचक्क ने कहा कि हमें उम्मीद है कि नई सरकार भारत को दुनिया में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेगी। किसी समय पाक गोलाबारी के चलते क्षेत्र से 70 से 80 प्रतिशत आबादी का पलायन हो जाता था। हमारे कई लोग गोलाबारी में मारे गए। आज हालात ऐसे नहीं हैं।
शिक्षा
में सुधार हुआ, गरीबी खत्म करने पर भी ध्यान देना जरूरी
अजय अबरोल (61) निवासी कानाचक्क ने कहा कि भविष्य में भी बार्डर शांत रहने चाहिए। पहली बार मतदान करने पहुंची 22 वर्षीय बिशाखा ने कहा कि देश में शिक्षा में सुधार हुआ है। गरीबी को खत्म करने पर भी ध्यान देना जरूरी है। सरकारी गर्ल्स मिडिल स्कूल ललियाल (कैंप) में 92 वर्षीय जीत कौर ने बताया कि सीमा पर अब सुख है। पहली बार मतदान करने पहुंचे विक्रम सिंह निवासी ललियाल और 19 वर्षीय शालू देवी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में युवा आज तरक्की कर रहा है।