वेस्ट पाकिस्तानी शरणार्थियों को पहचान प्रमाण पत्र देने पर भाजपा और नेकां आमने सामने है। भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार द्वारा इस फैसले के लिए जाने के बाद से ही विपक्षी दलों समेत अलगाववादियों ने इसके खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि इससे स्टेट-सब्जेक्ट कानून में बदलाव हो सकता है।
गठबंधन सरकार पर लगाए जा रहे इन आरापों के बाद भाजपा ने साफ किया है को कुछ भी फैसला लिया गया है मानवता के आधार पर लिया गया है।
भाजपा प्रवक्ता खालिद जहांगीर ने बताया कि सरकार ने साफ किया कि इन शरणार्थियों को जो 1947 से जम्मू कश्मीर में रह रहे हैं न तो राज्य में वोट डालने का अधिकार है और न ही इन्हें नौकरियां मिलती हैं। इसलिए सरकार ने मानवता के आधार पर इन्हें एक पहचान देने की कोशिश की है।