राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान से भूचाल आ गया है। दरअसल उन्होंने एक टीवी चैनल से इंटरव्यू में कहा था कि जेके बैंक की पूरी चयन सूची ही बदलवा डाली गई थी। मीडिया के एक वर्ग ने पीडीपी-भाजपा सरकार में सूची बदले जाने की खबर छापी। इसके बाद बवाल शुरू हो गया। इस बयान के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए ऐसे नेताओं के नाम सार्वजनिक करने को कहा है। राजभवन प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि राज्यपाल ने इंटरव्यू में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया था।
राज्यपाल के बयान के बाद सबसे पहले पीडीपी नेता और पूर्व वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू की प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने ट्वीट किया कि राज्यपाल ने चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन किया है। जेके बैंक रिलेशनशिप एक्जीक्यूटिव रिक्रूटमेंट की 582 की पूरी लिस्ट नेताओं की ओर से बदल डाली गई। कृपया ऐसा करने वाले राजनेताओं के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए। यह कब और कैसे हुआ। यह विश्वास योग्य नहीं है।
राजनीतिक पसंद के 600 लोगों की नियुक्तियां: नेकां
नेकां नेता उमर अब्दुल्ला ने भी राज्यपाल के रहस्योद्घाटन के बाद पीडीपी-भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जेके बैंक में लगभग 600 राजनीतिक पसंदीदा की नियुक्ति कर दी गई। इतना ही नहीं पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से बिना परीक्षा के ही एक को केएएस अफसर बना दिया गया। पीडीपी-भाजपा ने जेके बैंक की पूरी चयन सूची ही अपने पसंद के लोगों की भर्ती के लिए बदल डाली।