सांबा। कस्बे के जिला मुख्यालय नंदनी में मंगलवार को लोक मंच के सदस्यों ने लोगों को पेश आ रही परेशानियों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लगातार छह साल से और खासकर 13 माह से एक अंधेरे का दौर सा चल रहा है।
हर किस्म का विकास स्थिर सा हो गया है। रियासत की शक्ल व अक्ल बिगाड़ दी गई है। अभी तक कोशिश जारी है कि जितना हो सके उतना दबा कर रखा जाए। हर दिन नए-नए हुकमनामे निकाल कर कोई न कोई तरीके से नाक में दम करना केंद्र व राज्य सरकार की आदत सी बन गई है। यहां तक कि स्थायी कारोबार ठप है। फ्रूट इंडस्ट्री हो या टूरिस्ट इंडस्ट्री हो, टैक्सी, ट्रांसपोर्ट, होटल इंडस्ट्री हो, 4 जी नेट सुविधा हो, सरकारी प्रोजेक्ट का रुका हुआ काम, एजुकेशन का ठप होना, बिजली-पानी के बिल हों, सीमा पर रोज गोलाबारी हो और ऊपर से बंकरों में सिर तक पानी भरा हुआ है। बेरोजगारी मुंह फैलाए बैठी है। लाखों नौजवान डेलीवेजरों के नाम से सीपी वर्कर्स, आईटीआई अनुबंध वर्कर्स 25 साल से बंधुआ मजदूरों की भांति गुलामी कर रहे हैं। उन्होंने मांग उठाई कि इन्हें पक्का किया जाए। वहीं टोल प्लाजा लगा कर खून चूसने व गुंडागर्दी का तोहफा जनता को दिया है। उनके अनुसार कि अगर जनता अपने संविधानिक अधिकारों के तहत आवाज बुलंद करती है तो प्रशासन लाठी चलाती है और केस दर्ज करती है। कोरोना का बहाना बनाकर भी जनता को दबाया जा रहा है।
प्रदर्शन में आईडी खजूरिया, कुलभूषण, एडवोकेट सुभाष सिंह, मास्टर नरोत्तम सिंह, महेश्वर राज, बलकार सिंह, कालिदास, बीएल कांडले, सुरेश कुमार, प्रेमपाल सिंह, पूर्ण चंद अदन, रघुवीर सिंह, नरेंद्र खजूरिया, संतोष खजूरिया, रामपाल शर्मा, स्वर्ण सिंह, शाम लाल शर्मा, तरुण प्रगाल, राम मूर्ति आदि शामिल रहे।