केंद्र सरकार ने आतंकी गतिविधियों में शामिल जम्मू-कश्मीर के दो समूहों पर पांच साल के लिए पाबंदी लगा दी है। केंद्र ने आवामी एक्शन कमेटी (एएसी) और जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन (जेकेआईएम) पर कार्रवाई की है। एएसी का मुखिया मीरवाइज उमर फारूक और जेकेआईएम का मुखिया मोहम्मद अब्बास अंसारी है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर आवामी एक्शन कमेटी और इत्तिहादुल मुस्लिमीन पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि वे राष्ट्र-विरोधी और विध्वंसकारी गतिविधियों में लिप्त हैं।
लंगेट (जम्मू-कश्मीर विधानसभा) से निर्दलीय विधायक खुर्शीद अहमद शेख ने कहा कि "हर किसी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। मैं इस कदम की निंदा करता हूं क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है... अगर आप पार्टियों पर प्रतिबंध लगाते रहेंगे, तो आप उन्हें मुख्यधारा में कैसे लाएंगे?..."
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने केंद्र सरकार द्वारा अवामी एक्शन कमेटी (AAC) और जम्मू-कश्मीर इत्तेहादुल मुस्लिमीन पर प्रतिबंध लगाने पर कहा, "हमने मीडिया से ही इस बारे में सुना है, हम इसे खुद पढ़ने के बाद ही इस पर कुछ कह पाएंगे..."
PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयान पर उन्होंने कहा, "महबूबा मुफ्ती जो कहती हैं, उस पर हमें कुछ नहीं कहना है। वह कुछ भी कह सकती हैं, क्योंकि अब उनके पास कुछ नहीं बचा है, वह अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं और अपनी पार्टी को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन इस तरह के बेतुके बयान देकर पार्टी नहीं बचेगी..."
'हम इस फैसले का स्वागत करते हैं'
केंद्र सरकार द्वारा अवामी एक्शन कमेटी (AAC) और जम्मू-कश्मीर इत्तेहादुल मुस्लिमीन पर प्रतिबंध लगाने पर, जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा सुनील शर्मा ने कहा, "दो राष्ट्रविरोधी संगठनों को UAPA अधिनियम के तहत गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिबंधित किया गया है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं... ये लोग देश की एकता, अखंडता पर सवाल उठाते हैं। वे अलगाववाद को बढ़ावा देते हैं। भाजपा की केंद्र सरकार ऐसी चीजों की अनुमति नहीं देगी..."