राज्यसभा चुनाव की चार सीटों में से तीन सीटों पर तो भाजपा और पीडीपी के उम्मीदवारों की जीत लगभग तय ही है। सियासी शह और मात का खेल सिर्फ अधिसूचना तीन के अंतर्गत दो सीटों पर कांग्रेस-नेकां के संयुक्त उम्मीदवार एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद की सीट पर ही टिका है।
इस सीट के लिए निर्दलीय विधायक नेकां-कांग्रेस या फिर पीडीपी-भाजपा का खेल बनाने और बिगाड़ने के अहम रोल में होने को देखते हुए सियासी दल निर्दलीय को अपने खेमे में खींचने के लिए भरसक प्रयासों में जुटे हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में सीपीआई के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, पीपुल्स कांफ्रेंस के दो निर्दलीय विधायकों सज्जाद लोन और बशीर अहमद डार, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के निर्दलीय विधायक हकीम यासीन, उधमपुर के निर्दलीय विधायक पवन गुप्ता, झंस्कार से निर्दलीय विधायक सईद बाकिर रिजवी और लंगेट के निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद शामिल हैं।
इन विधायकों से सियासी दलों के नेता संपर्क कर अपने खेमे में खींचने के भरसक प्रयास कर रहे हैं। दूसरे खेमे के निर्दलीय विधायकों पर भी सेंध लगाने का काम चल रहा है।