जम्मू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में बेशक छात्रों के पार्टी सिंबल पर उतरने पर रोक है, लेकिन अंदरखाने सारी पार्टियां सक्रिय हैं। जम्मू विश्वविद्यालय से पढ़कर निकले मंत्री, विधायक छात्र नेताओं के अगुवा की भूमिका अदा कर रहे हैं। वह संपर्क कार्यक्रमों में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
नेशनल पैंथर्स स्टूडेंट्स यूनियन (एनपीएसयू) से पढ़कर निकले और रियासत के पूर्व शिक्षा मंत्री रहे हर्षदेव सिंह अब नेशनल पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हैं। उनका पूरा समर्थन अपनी छात्र इकाई को है। नेशनल कांफ्रेंस के छात्रों को विधायक देवेंद्र राणा का पूरा समर्थन मिल रहा है। चुनाव की रणनीति बनाने को छात्र-छात्राओं का उनसे लगातार संपर्क है।
पहली बार हो रहे छात्र संघ में सभी धड़ अपना वर्चस्व कायम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।एबीवीपी ने अपनी विश्वविद्यालय इकाई भले घोषित कर दी, लेकिन राज्य इकाई का उन्हें पूरा सहयोग है। कार्यालय में बैठकर रणनीति बन रही है और उस पर विश्वविद्यालय इकाई अमल कर रही है।
कुल मिलाकर सभी ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। सारी पार्टियां इसीलिए ओपन चुनाव की भी पक्षधर हैं। फिर संगठन अपने बैनर पर चुनाव लड़ सकेंगे। इसके लिए सभी कमर कसकर तैयारी कर रहे हैं।