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कश्मीरी पंडित तभी लौटेंगे जब उन्हें घाटी के मुसलमान स्वीकार करेंगे : कौल

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- कहा - आईसीसी के गठन से कुछ नहीं होने वाला, पहले भी ऐसे प्रयास होते देखे हैं
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। भाजपा के प्रदेश महासचिव (संगठन) अशोक कौल ने रविवार को कहा कि जब तक कश्मीरी मुसलमान कश्मीरी पंडितों को स्वीकार नहीं करते तब तक उनका घाटी में लौटना संभव नहीं है। यह पुनर्वास प्रक्रिया किसी सरकार के दबाव में नहीं हो सकती है। जिस तरह से जम्मू-कश्मीर के लोगों को स्वीकार किया जाता है, उसकी तरह से कश्मीरी पंडितों के प्रति घाटी में मानसिकता को बढ़ावा देना जरूरी है।
कौल ने यह बात मीरवाइज उमर फारूक की ओर से कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के लिए प्रस्तावित अंतर-समुदाय समिति (आईसीसी) के गठन पर कही। उन्होंने कहा, ऐसा कुछ नहीं होने वाला है, क्योंकि पहले भी ऐसे प्रयास होते देखे हैं। कहा कि कश्मीरी पंडितों की वापसी का निर्णय धर्मगुरुओं, लोगों और बड़े नेताओं की ओर से लिया जाएगा। उन्होंने कहा, जब वे कहेंगे कि कश्मीरी पंडितों को अपने घरों के पास स्थान देंगे, तो वे बिना किसी डर के घाटी लौट आएंगे।
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देश की जनता भाजपा को अपनी पार्टी के रूप में स्वीकार कर चुकी
श्रीनगर में रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रमों में पहुंचे कौल ने कहा कि देश की जनता भाजपा को अपनी पार्टी के रूप में स्वीकार कर चुकी हैं। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और अब दिल्ली में हुए चुनावों से यह साबित हो गया है कि मतदाता भाजपा के साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवंबर में बिहार में चुनाव होंगे, और भाजपा आगे बढ़ेगी। जम्मू-कश्मीर में पंचायत और नगर निगम चुनावों में भी पार्टी बहुमत प्राप्त करेगी।
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