मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाली की मांग को बल देने के लिए कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को लिखे गए पत्र पर सियासत तेज हो गई है। सीएम ने जहां केंद्र सरकार की ओर से वादा पूरा करने की उम्मीद जताई है। वहीं, भाजपा ने कहा है कि उमर स्टेट हुड मुद्दे पर नाटक कर रहे हैं।
सीएम बोले- पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग पर कई दलों से मांगा है समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग केंद्र सरकार से राज्य के दर्जे की बहाली का वादा पूरा करने की राह देख रहे हैं। उन्होंने देश के कई दलों से समर्थन मांगा है, ताकि केंद्र पर जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने का दबाव बनाया जा सके।
उमर ने श्रीनगर में एक प्रेसवार्ता में कहा, मैंने उन सभी दलों को पत्र लिखा है, जिनके सांसदों की संसद में अच्छी संख्या है। अनुरोध किया है कि वे जम्मू-कश्मीर से किए गए राज्य के दर्जे के वादे को पूरा करने में मदद करें और संसद में इस मुद्दे को उठाएं, ताकि इसी सत्र में एक विधेयक लाया जा सके और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस मिल सके।
मंगलवार को उमर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित 42 राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को पत्र लिखा है। राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए संसद सत्र में एक विधेयक लाने के लिए केंद्र पर दबाव डालें।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति, पार्टी या सरकार का नहीं, यह जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए वादे का है। हम चाहते हैं कि यह वादा पूरा हो। यह पूछे जाने पर कि सुप्रीम कोर्ट राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर आठ अगस्त को सुनवाई कर सकता है, अब्दुल्ला ने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह बहाली अदालत के माध्यम से होनी चाहिए।
उम्मीद है कि देश के विभिन्न कोनों से पर्यटक आने लगेंगे : सीएम
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बिना किसी घटना के सफल समापन के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद जैसी स्थिति थी, वैसी अब नहीं रही। हमारी अमरनाथ यात्रा भी अच्छी रही। चा लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। अब हमें उम्मीद है कि देश के विभिन्न कोनों से पर्यटक आने लगेंगे और जम्मू-कश्मीर के लोगों के आतिथ्य का लाभ उठाएंगे।
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हम भी उत्तराखंड जैसे ही खतरों का सामना कर रहे, इसे ध्यान में रखना होगा
उमर अब्दुल्ला ने उत्तराखंड की घटना पर दुख जताया। कहा कि जम्मू-कश्मीर भी इसी तरह के खतरों का सामना कर रहा है। आपने देखा कि हाल ही में रामबन में क्या हुआ। जिस तरह से मौसम का मिजाज बदल रहा है, जिस तरह से वन क्षेत्र कम हो रहा है, पहाड़ समतल हो रहे हैं मुझे लगता है कि हम भी ऐसे ही खतरों का सामना कर रहे हैं और हमें इसे ध्यान में रखना होगा।