- दोनों नेताओं ने खेमेबाजी से बचने की कही बात, कांग्रेस का समर्थन जारी रहेगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लद्दाख की एपेक्स बॉडी को एक ही दिन में दो बड़े झटके लगे हैं। वरिष्ठ नेता थुपस्तान छेवांग और लद्दाख टेरिटोरियल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवांग रिगजिन जोरा ने शनिवार को एपेक्स बॉडी और हाई पावर कमेटी से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं ने अपने-अपने इस्तीफे अलग-अलग पत्रों के जरिये दिए और अपने फैसले के पीछे अलग-अलग कारण बताए।
छेवांग ने पत्र में लिखा कि वह काफी समय पहले चुनावी राजनीति से किनारा कर चुके हैं और तब से ही किसी भी प्रकार की खेमेबाजी या प्रतिस्पर्धा से दूर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि अब वह पूरी तरह से इन गतिविधियों से अलग रहना चाहते हैं। छेवांग ने एपीक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के सभी सदस्यों का उनके सहयोग के लिए आभार जताया। कहा कि उनका यह फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है।
जोरा ने एपेक्स बॉडी की उस सब-कमेटी से खुद को अलग कर लिया है, जो आने वाले दिनों में गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करने वाली थी। उन्होंने हाई पावर कमेटी से भी खुद को अलग करने की घोषणा की। जोरा ने अपने पत्र में लिखा कि कांग्रेस एपेक्स बॉडी का हिस्सा बनी रहेगी और लद्दाख के लिए छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा दिलाने की मांग में पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी प्रयास इस उद्देश्य के खिलाफ होगा, कांग्रेस उसका विरोध करती रहेगी।
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विशेष दर्जे के लिए बनाई गई थी एपेक्स बॉडी
लद्दाख के लिए विशेष सांविधानिक दर्जे और छठी अनुसूची की मांग को लेकर एपेक्स बॉडी का गठन किया गया था। जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद लद्दाख के लोगों में अपनी पहचान, संस्कृति, जमीन और संसाधनों की रक्षा को लेकर चिंता बढ़ी। इन चिंताओं को आवाज देने के लिए लद्दाख के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और युवा संगठनों को मिलाकर एपीक्स बॉडी बनाई गई।