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370 कांग्रेस की देन, खत्म हो चुका है यह अध्याय : सुनील

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नेता प्रतिप्रक्ष ने कहा - भाजपा के इर्दगिर्द घूम रही कश्मीर की सियासत
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प्रदेश के विकास पर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि कश्मीर की सियासत भाजपा के इर्दगिर्द घूम रही है। अनुच्छेद 370 कांग्रेस की देन थी और यह अध्याय अब खत्म हो चुका है। यह एक अस्थायी प्रावधान था, जिसकी आड़ में कई दशक तक कुछ दलों ने अपने स्वार्थ को साधा। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और कहीं भी दो झंडे और दो संविधान नहीं चल सकते हैं। यहां विधानसभा में बार बार अनुच्छेद 370 का राग अलापने से कुछ नहीं होगा। यह संसद के पास अधिकार है। शर्मा वीरवार को विधानसभा में अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, जो लोग बार-बार पाकिस्तान के साथ बातचीत की हिमायत करते हैं उन्हें यह समझना चाहिए कि यह भारत मंत्रालय का अधिकार है। भाजपा ने भी अपने कार्यकाल में कई बार पाक से बात करने की कोशिश की, उस समय केंद्र में उमर अब्दुल्ला भी मंत्री थे, लेकिन हम पर बार बार हमले थोपे गए। अटल बिहारी वाजपेयी की पिता की भूमिका के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटे की भूमिका निभा रहे हैं। 800 से अधिक नए कानून जम्मू-कश्मीर में लाए गए। विकास में रोड़ा बनने वाले कानून हटा दिए गए। जिस सदन में बिजली पानी के लिए मुद्दों पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए था वह जय शंकर के बयान पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में हम पीओके वापस ला सकते थे, लेकिन तब परवेज मुर्शरफ ने भारत से धोखा किया और पीछे से छुरा घोंपा। मगर हमारे सुरक्षाबलों ने दुश्मन के छक्के छुड़ाकर अपनी चोटियों को वापस हासिल किया। पीओके कब हासिल करना है उसमें उमर को शामिल नहीं किया जाएगा।

ये जो डीडीसी बने बैठे हैं मोदी जी की देन है...
सुनील शर्मा ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था मोदी जी की देन है। ये जो डीडीसी बने बैठे हैं, उन्हीं नरेन्द्र मोदी की बदौलत। मैं ऐसे कई अचीवमेंट गिना सकता हूं जो मोदी जी की देन है। आज पीओजेके, गुज्जरबकरवाल को आरक्षण मिली है। पहली बार ये असेंबली इतनी बड़ी संख्या में गुज्जर बकरवाल विधायकों को देख रही है, यह भी मोदी जी की देन है।
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सिगरेट की डिब्बी पर लिख कर दे दी जाती थी नौकरियां
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ट्रांसपेरेंसी आई है। सुधार आया है। एक दौर वो था जब सिगरेट की डिब्बी पर नौकरी लिख कर दे दी जाती थीं। नौकरियां बेची जाती थीं। वित्तीय सुधार आया है, अब बिना प्रशासनिक अनुमति के कुछ नहीं होता है। यह तब संभव हुआ जब यह यूटी बना। अनुच्छेद 370 हटाया गया।


शेख अब्दुल्ला के समय लाया गया था पीएसए का प्रावधान
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि पीएसए का प्रावधान शेख अब्दुल्ला के समय लाया गया था। अगर 400-500 लोगों को बंद रखकर 70 लाख लोगों को सुरक्षित वातावरण दिया जा सकता है तो यह गलत नहीं है। जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों का इस्तेमाल शांति अमन के लिए किया जा रहा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के कार्यकाल में पीएसए का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे सवा सौ निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यही हालत उमर सरकार के दौरान भी हुआ। उन्होंने मोदी सरकार की जम्मू कश्मीर के विकास में उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि आज प्रदेश की अलग तस्वीर है। राष्ट्रीय राजमार्ग, रिंग रोड, पीएमजेवाईएस, टनल, दिल्ली-कटड़ा-एक्सप्रेस वे, बनिहाल-बारामूला रेल लेन, गुरेज जैसे दुर्गम क्षेत्र में ग्रिड से बिजली पहुंचाने, आईआईटी, आईआईएम, एमबीबीएस, पीजी सीटों में वृद्धि, सेहत योजना आदि कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।



विरोध पर चुप कराया, बोले- हम भी इंटरप्ट करना जानते हैं
सांसद इंजीनियर रशीद के भाई खुर्शीद अहमद शेख और डोडा से विधायक मेहराज मलिक ने नेता प्रतिपक्ष के भाषण के दौरान आपत्ति जताई। शेख ने कहा कि पीएसए पर भाजपा लोगों को गुमराह कर रही है। निर्दोष लोगों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। वहीं, मलिक ने कहा कि भाजपा झूठ बोलकर लोगों के हितों से मजाक कर रही है। जो बताया जा रहा है जमीन पर वास्तविक में सब अलग है। इस बीच दोनों ओर ने नोंकझोंक हुई। शेख भाजपा चैंबर में आकर विरोध कर रहे थे। इस पर नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने मेहराज को टोकते हुए कहा कि केजरीवाल का झाड़ू खत्म हो चुका है और उन्हें चुप रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मत भूलिए की हम भी इंटरप्ट करना जानते हैं।
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नवाबी लुट गई लेकिन नफासत कम नहीं हुई
नेता प्रतिपक्ष ने बीच में बार-बार रोके जाने पर अंत में तंज कसा कि अध्यक्ष जी आपको भाजपा से विशेष दुश्मनी है और मुझसे तो विशेष है, तभी बीच-बीच में बार-बार आप समय की बात कर रहे थे। खैर मैं अपनी बात को कुछ इन पंक्तियों के साथ खत्म करूंगा-
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हमारे शहर में अब भी कुछ लोग बाकी हैं
नवाबी लुट गई लेकिन नफासत कम नहीं हुई

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महबूबा मुफ्ती को सवा सौ की मौत बर्दाश्त थी, पर हुर्रियत को नाराज करना नहीं
सुनील शर्मा ने कहा कि 2016 में महबूबा मुफ्ती की सरकार थी। उस वक्त कीलिंग शुरू हुई तो हमने कहा कि फोर्स लगानी होगी। सवा सौ कीलिंग हुई। उनका कहना था कि हुर्रियत नाराज हो जाएगी। यानी, महबूबा मुफ्ती को सवा सौ की मौत बर्दाश्त थी, पर हुर्रियत को नाराज करना नहीं
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