शहरवासी परेशान, पुलिस थाना दिवस पर डीजीपी के समक्ष समस्या उजाकर मांगा समाधान
अधिकारी बोले- तस्वीर खींच कर भेजें, होगी कड़ी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गांधी नगर थाने में वीरवार थाना दिवस पर पहुंचे डीजीपी नलिन प्रभात के समक्ष स्थानीय लोगों ने शिकायतों का अंबार लगा दिया। पूर्व सेना कैप्टन अनिल घोर ने कहा कि गांधी नगर शहर का पाश इलाका है। लेकिन, शाम ढलते ही यहां की पार्क चिट्टे का गढ़ बन जाते हैं। सड़कों के किनारे व गली-कूचों में खड़े वाहनों में जाम छलकते हैं।
इस कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्रवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही बताया कि क्षेत्र में निरंतर रूप से गश्त नहीं होती है, जिस कारण नशा तस्करों और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
गांधी नगर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सतपाल सपोलिया ने चोरियों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चोरियों का ग्राफ बहुत बढ़ गया है। क्षेत्र में गैंगवार, पासपोर्ट के सत्यापन समय पर न होने के बारे में भी बताया। साथ ही पुलिस की आम लोगों तक पहुंच न होने की शिकायत भी की।
इस पर डीजीपी ने कहा कि गांधी नगर में यदि ऐसे शराब पी जा रही है तो वे कुछ न करें। वाहन की तस्वीर खींच कर भेज दें। ये कहां भेजनी है, इसका हम विकल्प ढूंढते हैं। विश्वास दिलाते हैं कि क्षेत्र में शराब पीने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। बीट कांस्टेबल क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों के संपर्क में रहेंगे। उनके साथ नंबर साझा करेंगे। वन स्टाप केंद्र की तरह काम करेंगे।
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लोगों ने चौकियों और थानों की कमियां भी कीं उजागर
थाना दिवस में मौजूद लोगों ने पुलिस चौकियों और थानों की कमियां भी उजागर कीं। लोगों ने बताया कि पुलिस कर्मियों की कमी की वजह से इलाकों में गश्त नहीं होती। वरिष्ठ नागरिकों तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है। एक थाने में एक ही पुलिस वाहन है। मान लें कि किसी एक वारदात को लेकर पुलिस टीम निकल जाए और उसी समय दूसरी वारदात हो जाए तो कौन जाएगा। इस पर डीजीपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जम्मू में भी अतिरिक्त तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि उनकी निजी सुरक्षा टीम के दो तिहाई सदस्यों को हटा दिया है।
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जो अच्छा काम करेंगे, उचित पोस्टिंग उसे ही मिलेगी
डीजीपी ने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों को ही उचित पोस्टिंग मिलेगी। देश के लिए काम करने वाले अधिकारियों को तुरंत उनकी मनचाही पोस्टिंग मिलेगी। व्यवस्थागत बदलाव में समय लगता है।
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शिकायत के लिए तैयार होगा एप
डीजीपी ने आईजी जम्मू को निर्देश दिए हैं कि एक मोबाइल एप को विकसित करने पर काम करें, ताकि स्कूल-काॅलेज की छात्राएं तंग करने वालों की शिकायत कर सकें। एप के जरिए उनपर तुरंत कार्रवाई होगी। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस बचनबद्ध है। नए कानूनों के तहत यदि महिला अपराध से संबंधित चालान 60 दिन में पेश नहीं होता। तो संबंधित जांच अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
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डीजीपी बोले, आतंकवाद और नशा दोनों ही खतरनाक, निपटने के लिए होगी एक जैसी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आतंकवादियों की तर्ज पर ही नशा तस्करों से निपटा जाएगा। पुलिस इसे आतंकवाद से बड़ी चुनौती मानकर चल रही है। गांधी नगर थाने में आयोजित थाना दिवस के अवसर पर लोगों से रूबरू होते समय उन्होंने आतंकवाद और नशा तस्करी को समाज के लिए एक समान गंभीर खतरा बताया।
उन्होंने कहा कि नशा तस्करी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को समान मानता हूं। यह संगठित अपराध का नेटवर्क है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की सेना और आईएसआई बार्डर पार से इसे नियंत्रित कर रहे हैं, जिससे निपटने के लिए प्रयासरत हैं।
स्कूल-कालेजों के बाहर यदि नशा बिक रहा है तो इसे लेकर अभिभावकों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। कहीं न कहीं मां-बाप के स्तर पर कमी है। स्थानीय लोगों ने नशा तस्करी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। डीजीपी ने कहा नशा एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिस पर प्रभावी कार्रवाई जारी हैं।
थाना दिवस में कुछ लोगाें ने ये भी कहा कि नशा तस्करों को सजा बहुत कम मिलती है। ये भी मेरे संज्ञान में है। इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।