श्रीनगर। जम्मू कश्मीर सरकार के तीन कर्मचारियों की बर्खास्तगी की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), अवामी इतिहाद पार्टी (एआईपी) और मीरवाइज उमर फारूक ने निंदा की है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 2019 से सरकारी कर्मियों की अचानक बर्खास्तगी रोजमर्रा की घटना बन गई है। सत्ता में एक निर्वाचित सरकार के बावजूद यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।
एआईपी के लंगेट से विधायक शेख खुर्शीद ने इस कदम को घोर अन्याय बताया है। खुर्शीद ने सरकार के चयनात्मक दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं राष्ट्र एक है, कानून एक है। फिर जम्मू-कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों को बिना अपना बचाव करने का मौका दिए मनमाने ढंग से क्यों बर्खास्त किया जा रहा है? हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने एक्स पर लिखा, तीन और सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकालना बेहद निंदनीय है। क्या हुक्मरान धीरे-धीरे सभी कश्मीरियों को सरकारी सेवाओं से हटाकर उन्हें बेरोजगार करना चाहते हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि इस मुद्दे को संबंधित पक्षों के समक्ष तत्काल उठाएं। ब्यूरो