लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद कारगिल का प्रतिनिधिमंडल सीएम उमर अब्दुल्ला से मिला
- रखीं अपनी मांगें, मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिला। मुख्यमंत्री ने लद्दाख व जम्मू-कश्मीर के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया। कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन से दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे संबंधों में कोई बदलाव नहीं आएगा। कहा कि नक्शे बदल सकते हैं, लेकिन नक्शे बदलने से आपके साथ हमारे संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लद्दाख के साथ हमारा रिश्ता सदियों पुराना है और यह मजबूत बना रहेगा।
इस दौरान मौजूद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और जलशक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सड़क, पेयजल व अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित उनकी सभी चिंताओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। एलएएचडीसी कारगिल का प्रतिनिधित्व मोहम्मद जाफर आखून ने किया, साथ में फिरोज अहमद खान और अन्य पार्षद भी थे। प्रतिनिधिमंडल में लद्दाख के सांसद हाजी मोहम्मद हनीफा जान और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री कमर अली आखून भी शामिल रहे। मौके पर मुख्य सचिव अटल डुल्लू, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा शतमनु, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता और प्रशासनिक सचिव मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने रखीं अपनी मांगें
-श्रीनगर में स्किम्स सौरा और अन्य सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में रेफर किए गए मरीजों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
-जम्मू-कश्मीर के पैरामेडिकल प्रशिक्षण संस्थानों में पैरामेडिकल छात्रों के चयन और प्रशिक्षण, श्रीनगर और जम्मू में मौजूदा छात्रावासों का विस्तार किया जाए।
-जम्मू-कश्मीर के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लद्दाख के छात्रों के अधिक प्रवेश की आवश्यकता के बारे में भी चिंता जताई।
- श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से कारगिल और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।
सीएम ने यह भी कहा-
उमर अब्दुल्ला ने प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया कि जम्मू और श्रीनगर में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती के लिए लद्दाख प्रशासन के साथ मामला उठाएं। आश्वासन दिया कि कश्मीर में स्किम्स और अन्य सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इसका प्रबंधन लद्दाख प्रशासन के कर्मचारियों की ओर से किया जाएगा, ताकि कारगिल और लेह के मरीजों को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से जम्मू-कश्मीर में उपलब्ध कोटे के बारे में लद्दाख के छात्रों के बीच जागरूकता पैदा करने का भी आग्रह किया। कहा कि कई सीटें अप्रयुक्त रह गई हैं।