अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को अंतिम रूप देने से पहले विधायकों व जिला विकास परिषद (डीडीसी) अध्यक्षों से संवाद का सिलसिला शुरू कर दिया है।
सीएम ने बुधवार को पहले दिन अनंतनाग, बडगाम, कठुआ और सांबा जिलों के विधायकों व डीसीसी अध्यक्षों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। खासकर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन पर विशेष फोकस रहा।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि बेहतर जम्मू-कश्मीर बनाने के लिए जन केंद्रित, पारदर्शी और समावेशी बजट उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी। यह बजट जनता के लिए जनता के सुझावों पर बनाएंगे। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष और चरार-ए-शरीफ निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि एडवोकेट अब्दुल रहीम राथर ने भी अपने कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
विधायक व डीडीसी अध्यक्षों की प्रमुख चिंताओं और मांगों में सड़कों का चौड़ीकरण, नई सड़कों का निर्माण, खेल बुनियादी ढांचे में वृद्धि, स्वास्थ्य व शैक्षणिक संस्थानों का उन्नयन, पीने योग्य जल, पर्यटन स्थलों का विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना व नए कॉलेज-स्कूलों की स्थापित करना शामिल है। नेकां सरकार का पहला बजट सत्र तीन मार्च से शुरू हो रहा है। इसे सरकार आमजन केंद्रित बनाना चाहती है। ऐसे में सरकार बजट को विधानसभा में पेश करने से पहले निर्वाचित सदस्यों और हितधारकों के साथ बैठकें कर उनकी अपेक्षाओं को जानने में लगी है।
उमर ने डीडीसी अध्यक्षों व विधायकों सहित निर्वाचित प्रतिनिधियों से कहा, आप सभी ने अपने चुनाव जीते हैं, क्योंकि लोगों ने आप पर भरोसा जताया है। उनकी उम्मीदें आपके नेतृत्व से जुड़ी हुई हैं।
उमर ने कहा - आपकी आवाज का प्रतिनिधित्व किया जाएगा : जम्मू के सिविल सचिवालय में बजट-पूर्व परामर्श बैठकों की शृंखला शुरू की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, इन परामर्शों का उद्देश्य बजट को अंतिम रूप देने से पहले प्रमुख हितधारकों से सुझाव लेना है। यह बजट सिर्फ सरकार की ओर से नहीं, बल्कि लोगों द्वारा, लोगों के लिए होगा। आपकी आवाज का प्रतिनिधित्व किया जाएगा, क्योंकि आप प्रदेश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। बजट में सड़क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और पर्यटन को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बैठक के माध्यम से हमारा लक्ष्य बजट प्राथमिकताओं को उन लोगों की उम्मीदों के साथ जोड़ना है, जिन्होंने मतदान किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया। सीएम ने विधायकों और डीडीसी अध्यक्षों को आश्वासन दिया कि उनके सुझाव आगामी बजट को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, ये परामर्श एक बार की घटना नहीं है। हमारा उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित करना है।
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आज इन जिलों के निर्वाचित सदस्यों से बात करेंगे : मुख्यमंत्री वीरवार को बजट पूर्व परामर्श में उधमपुर, बारामुला, कुलगाम और रामबन जिले के विधायकों और जिला विकास परिषद (डीडीसी) अध्यक्षकों के साथ बातचीत करेंगे।