प्रदेश अध्यक्ष के नए कार्यकाल में राजोरी-पुंछ में एसटी वोटरों को अपने पाले में लाने की भी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा के लिए कई चुनौतियां रहेंगी। इनमें मुख्य रूप से पंचायत चुनाव में बढ़त बनाना, कश्मीर में कमल खिलाना बड़ी चुनौती है। इसके साथ ही राजोरी-पुंछ में एसटी वोटरों को अपने पाले में लाने की भी चुनौती रहेगी। शर्मा का कहना है कि वह प्रभावी रणनीति और सबको साथ लेकर काम करेंगे। पार्टी को बूथ से लेकर हर स्तर पर मजबूत बनाया जाएगा। उनका कहना है कि पिछले पंचायत चुनाव में भाजपा का बेहतर प्रदर्शन रहा है। हमारे कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं और उनसे बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है। विधायकों को संबंधित विधानसभा हलकों में भेजा जा रहा है। जहां हमारे विधायक नहीं हैं, वहां दूसरे विधायकों को जिम्मेदारी दी गई है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा का 26 प्रतिशत वोट प्रतिशत बढ़ा है। पूरी उम्मीद है कि आगामी चुनावों में भी सर्वश्रेष्ठ करेंगे।
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कश्मीर में कब खुलेगा खाता
पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कश्मीर में कोई सीट हासिल न करने पर सत शर्मा का कहना है कि हमने घाटी में 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हम तीन सीटों पर आगे रहे और एक सीट पर मात्र एक हजार वोट से हारे। पंचायत चुनाव में अलग स्थिति रहती है और हम प्रभावी रणनीति के साथ काम करेंगे।
राजोरी-पुंछ में एसटी का रुझान कैसे बढ़ाएंगे
शर्मा का कहना है कि पिछले चुनावों की तुलना में इस बार विधानसभा चुनाव में हमारा राजोरी-पुंछ में एसटी वोट शेयर बढ़ा है। हमने दो लाख से अधिक वोट लिए हैं। चुनाव के दौरान पहले लोगों को लग रहा था कि भाजपा 25 तक सीमित जाएगी लेकिन उसने 29 सीटें लाकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। जनता के बीच विश्वास बढ़ा है और उन्हें अहसास हो गया है कि भाजपा आगामी 30 से 35 सीटें भी ले सकती है। आगामी चुनावों में राजोरी-पुंछ में भाजपा और बेहतर प्रदर्शन करेगी।
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नेकां का फिर जम्मू में रुझान
चुनौती से कैसे निपटेंगे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का पहले भी जम्मू की तरफ झुकाव रहा है। लेकिन, सत्ता में आने के बाद नेकां सरकार के बारे में जनता को पता चल गया है। उसकी कथनी और करनी में अंतर है। चुनाव के दौरान किए वादों को नेकां पूरा नहीं कर पाई है। नेकां को जम्मू से कुछ हासिल नहीं होगा और भाजपा फिर मजबूत पार्टी उभर कर सामने आएगी। जल्द हम तीन साल के लिए प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करेंगे।