- पठानिया ने सरकारी प्रोटोकॉल, विधानसभा की परंपराओं और विधायक के अधिकारों का उल्लंघन बताया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और उधमपुर पूर्व के विधायक रणबीर सिंह पठानिया के बीच चल रही तनातनी अब विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंच गई है। पठानिया ने विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस देकर आरोप लगाया है कि बुधवार को मजालता में आयोजित सरकारी जन शिकायत एवं आउटरीच कार्यक्रम में उन्हें जान-बूझकर नहीं बुलाया गया। उन्होंने इसे सरकारी प्रोटोकॉल, विधानसभा की परंपराओं और एक निर्वाचित विधायक के अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
पठानिया ने नोटिस में कहा है कि मजालता उनकी विधानसभा का हिस्सा है। इसके बावजूद उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित सरकारी कार्यक्रम की न तो उन्हें सूचना दी गई और न ही उन्हें आमंत्रित किया गया। प्रोटोकॉल के तहत संबंधित क्षेत्र के विधायक को ऐसे कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाना अनिवार्य है।
इससे न केवल एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में उनके अधिकारों की अनदेखी हुई, बल्कि विधानसभा की गरिमा और स्थापित संसदीय परंपराओं को भी ठेस पहुंची। विधानसभा अध्यक्ष से मामले में हस्तक्षेप कर इसे विशेषाधिकार समिति को भेजने और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।
साथ ही भविष्य में किसी भी सरकारी कार्यक्रम, निरीक्षण या जन शिकायत शिविर में संबंधित क्षेत्र के विधायक को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने के निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है। अब इस नोटिस पर फैसला विधानसभा अध्यक्ष को लेना है। प्रारंभिक जांच के बाद वह तय करेंगे कि मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए या नहीं।