- नेकां प्रमुख ने गांव सलैहड़ में आयोजित जनसभा में कहा, महिलाओं को सशक्त होना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। पंचायत चुनाव में पढ़ी-लिखी महिलाओं को आगे लाया जाए। शिक्षित महिलाएं चुनाव लड़ेंगी तो पूरी पंचायत आबाद होगी। पंचायत स्तर पर ज्यादातर मसले महिलाओं द्वारा ही सुलझाया जाते हैं। यह बात वीरवार को नेकां प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने गांव सलैहड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। फारूक ने कहा कि धर्म, जात-पात से ऊपर उठकर महिलाओं को सम्मान देने की जरूरत है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं से भेदभाव करने वाले आज भी मौजूद हैं, लेकिन महिलाओं को सशक्त होकर उनका सामना खुद ही करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जहां भी महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की, वहां पर सरकारों को महिलाओं को सम्मान देना ही पड़ा है। महिलाएं आज देश की तरक्की में सबसे ज्यादा योगदान दे रही हैं, लेकिन आज भी महिलाओं की छवि हाउस वाइफ की बनी हुई है। आज भी महिलाओं को बच्चों को संभालने और घर का कामकाज करने के लिए रखा गया है।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज को जम्मू व कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस लाई थी। उसके बाद महिलाओं को चुनाव में आरक्षण देने का मुद्दा भी नेशनल कांफ्रेंस ने ही उठाया था। इसके चलते आज महिलाओं को चुनाव में 33 फीसदी आरक्षण मिल रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के बिना भारत एक समृद्ध देश कभी नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि महंगाई से निपटने के लिए महिलाओं का सशक्त और समृद्ध होना जरूरी है।