संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों ने उन्हें पांच साल के लिए जनादेश दिया है। हमने अभी अपना पहला बजट भी पेश नहीं किया है। आपको इंतजार करना होगा, हम जानते हैं कि लोगों से क्या वादे किए हैं, उन्हें कैसे पूरा करना है। उन्होंने कहा, राज्य का दर्जा बहाल कराने के साथ कई मुद्दे हैं, जिनसे जम्मू-कश्मीर के लोग परेशान हैं। ऐसी समस्याओं का समाधान यूटी सेटअप में नहीं हो सकता, इसके लिए जरूरी है कि हमें राज्य का दर्जा मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दोनों काम एक साथ करती रहेगी। यूटी में हम जो हासिल कर सकते हैं, हम करेंगे और जिन मुद्दों के लिए हमें राज्य का दर्जा चाहिए, उनके लिए भी लड़ते रहेंगे। अपनी सरकार के पहले बजट के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कहा, बजट पर कुछ भी कहना गलत होगा। सरकार की जिम्मेदारी पहले विधानसभा में बजट पेश करना है।
इस सर्दी के सीजन में अच्छी बारिश-बर्फबारी न होने पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह उन आशंकाओं को समझते हैं। हमारे यहां 80 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हमें गर्मियों के महीनों के लिए तैयार रहने की जरूरत है, क्योंकि यह संभव है कि न केवल कृषि के लिए, बल्कि घरेलू उपयोग के लिए भी पानी की कमी हो सकती है। लोगों को पानी के इस्तेमाल के तरीके बदलने होंगे। सरकार को वर्षा जल संचयन और ग्लेशियरों को बचाने जैसे कदम उठाने की जरूरत है। हम किसानों को सिंचाई प्रदान करने के तरीके तैयार करने के लिए कृषि व जलशक्ति विभाग के साथ परामर्श कर कदम उठाएंगे।