-निर्वाचन विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में 17 छोटे राजनीतिक दलों का हिसाब
- प्रदेश में सक्रिय हैं 35 छोटे राजनीतिक दल, लेखा-जोखा न देने पर रद्द हो सकती है मान्यता
राकेश शर्मा
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का लेखा-जोखा निर्वाचन विभाग ने सार्वजनिक कर दिया है। बीते वर्ष अक्तूबर में हुए विधानसभा चुनाव के बाद इन दलों ने चंदे और खर्च की जानकारी विभाग को भेजी थी। विभाग ने ऑडिट रिपोर्ट में यह जानकारी शामिल की है। प्रदेश में कुल 35 छोटे राजनीतिक दल हैं। 17 ने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारे थे। इनमें से 12 राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव में एक भी पैसा खर्च न करने की जानकारी साझा की है।
खास बात यह है कि इन दलों को किसी संस्था या व्यक्तिगत तौर पर चंदा भी नहीं मिला है। न तो बड़ी रैलियां की और न ही पोस्टर, बैनर या वाहनों से प्रचार किया। इन दलों ने अपना खर्च और आय दोनों शून्य बताया है।
पांच अन्य दलों ने स्वीकार किया-चंदे में मिली मोटी रकम
पांच राजनीतिक दलों ने चंदे के रूप में मोटी रकम मिलने की बात भी कही है। इन दलों को बड़े कारोबारी और समाजसेवी संस्थाओं से चंदा मिला है। गौरतलब है कि चुनाव में हिस्सा लेने वाले सभी राजनीतिक दलों को अपना लेखा-जोखा सार्वजनिक करना होता है। ऐसा न करने वाले राजनीतिक दलों की मान्यता विभाग समाप्त कर सकता है।
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गुलाम नबी आजाद की पार्टी समेत पांच पर धन वर्षा
पांच राजनीतिक दल ऐसे हैं, जिन्हें चंदे में लाखों रुपये मिले। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) भी शामिल है। पार्टी ने अपने खर्च और आय में सबसे बड़े आंकड़े का जिक्र किया है। पार्टी ने 23 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और प्रचार पर 34,32,500 रुपये खर्च कर दिए। इस अवधि के दौरान डीपीएपी को चंदे के रूप में 6,32,300 रुपये हासिल हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर नेशनल पीपुल्स फ्रंट को 12,6600, अपनी पार्टी को 12,18,600, डोगरा स्वाभिमान दल को 2,15,995 और जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रंट को 1,12,000 रुपये चंदे के रूप में मिले हैं।
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इनके हाथ कुछ भी नहीं आया
ऑल जेके किसान मजदूर पार्टी, नेचर मैनकाइंड फ्रेंडली ग्लोबल पार्टी, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीर-पंजाल अवामी पार्टी, कश्मीर डेवलपमेंट फ्रंट, सोशल मूवमेंट पार्टी, हक इंसाफ पार्टी, जेके पीपुल्स मूवमेंट, नेशनल अवामी युनाइटेड पार्टी, नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी ने निर्वाचन विभाग को सौंपी बैलेंस शीट में अपना बजट और चंदा शून्य बताया है।
17 दलों का वोट शेयर 24 प्रतिशत
प्रदेश चुनाव में बिना चंदा चुनाव लड़ने वाले 12 दलों समेत 17 छोटी राजनीतिक पार्टियों का वोट शेयर 24 प्रतिशत रहा है। इन दलों का बड़ा प्रभाव उन सीटों पर देखने को मिला, जहां हार या जीत का अंतर कम रहा। इन दलों के प्रभाव ने विधानसभा चुनाव जीतने वाले सबसे बड़े राजनीतिक दल नेशनल काॅन्फ्रेंस को बहुमत तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इनमें त्राल में 460, किश्तवाड़ 521, हंदवाड़ा में 662, पट्टन 603, इंदवाल 643, बांदीपोरा 811 और देवसर में 840 वोट के अंतर से जीत या हार का फैसला हुआ था।
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विभाग ने सार्वजनिक की है बैलेंस शीट
राजनीतिक दलों को अपनी बैलेंस शीट निर्वाचन विभाग को भेजनी होती है। इसमें खर्च और उन्हें हासिल होने वाले चंदे का हिसाब सार्वजनिक करना होता है। निर्वाचन विभाग ने 35 दलों की बैलेंस शीट को अपनी वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक कर दिया है ताकि लोग इसे देख सकें।
संजीव वर्मा, सीईओ