जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए कार्यकर्ताओं से जम्मू कश्मीर में राजनीतिक पहुंच बढ़ाने को कहा।
जम्मू से सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए आजाद ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हमारे राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना और लोगों को डीपीएपी की राजनीतिक यात्रा का हिस्सा बनने के बारे में समझाना है। भले ही जम्मू कश्मीर में कई क्षेत्रीय दल हैं लेकिन डीपीएपी का गठन समय की जरूरत थी, क्योंकि कोई अन्य दल स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाया है।
उन्होंने कहा, मैंने जम्मू कश्मीर के दौरे में राजनीतिक वर्ग से निराश लोगों की हताशा को महसूस किया है। वे खुद को अनसुना और असहाय महसूस कर रहे हैं। जिसके बाद डीपीएपी के रूप में एक राजनीतिक मंच बनाने का फैसला लिया गया है। डीपीएपी अन्य राजनीतिक दलों के विपरीत आम लोगों के मुद्दों को उठाती रहेगी। यह आम नागरिकों की अपनी पार्टी है।
इसका उद्देश्य आम लोगों की सेवा करना और उनकी शिकायतों को उठाना है। सरकार द्वारा जबरन भूमि बेदखली के खिलाफ किसी अन्य राजनीतिक दल ने हमारी तरह लड़ाई नहीं लड़ी। हमने एप्टेक के चयन के लिए जेकेएसएसबी के फैसले के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दावा किया कि डीपीएपी मजबूती से बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरेगा। इस दौरान जीएम सरूरी, आरएस चिब, अब्दुल मजीद वानी, हाजी अब्दुल रशीद, विनोद मिश्रा, चौधरी गारूराम, मोहम्मद असलम गोनी आदि मौजूद रहे।