विधानसभा चुनाव लड़ रहे विभिन्न राजनीतिक दलों के अधिकतर प्रत्याशी चुनाव आयोग के नियमों से जागरूक नहीं हैं, जो राज्य पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। नेता हर रोज नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ रही है।
सारा दिन पोस्टर उतारने और नेताओं को समझाने में ही निकल रहा है। इससे पुलिस की व्यस्तता और सिरदर्दी बढ़ गई है। ऐसा ग्रामीण इलाकों के थानों में अधिक हो रहा है। यहां हर रोज थाने में दो से तीन लोग शिकायत कर रहे हैं।
थानों में लोग फोन कर शिकायत कर रहे हैं कि उनके घर की दीवारों पर पार्टी के प्रत्याशी का पोस्टर चिपका दिया गया है। कोई शिकायत करता है कि घर पर किसी पार्टी के प्रत्याशी का होर्डिंग लगा दिया गया है।
इस शिकायत पर पुलिस दौड़ी-दौड़ी उक्त जगह पहुंच जाती है और कार्रवाई करती है। यही नहीं, कुछ जगहों पर तो विरोधी पार्टियों के प्रत्याशी या फिर उनके कार्यकर्ता पुलिस को जानकारी तो दे देते हैं, लेकिन पहुंचने पर वहां से पोस्टर गायब हो चुका होता है।
ये हैं नियम
किसी भी पार्टी या फिर प्रत्याशी को यदि किसी घर के बाहर कोई पोस्टर या फिर कोई होर्डिंग लगाना है, तो पहले घर के मालिक से अनुमति लेनी होगी।
जागरूकता नहीं
किसी भी पार्टी के प्रत्याशी के नामांकन भरने के साथ एक हैंडबुक दी जाती है, जिसमें सारी बातेें दी गई होती हैं कि उसको क्या करना है। अभी जम्मू में नामांकन नहीं भरे गए हैं। अधिकतर प्रत्याशियों को पता ही नहीं कि उसे प्रचार के लिए क्या करना है।
कार्रवाई के लिए थानों को आदेश
जम्मू के एसएसपी उत्तम चंद का कहना है कि सभी थानों को आदेश दे दिए गए हैं कि नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई करें। जो उल्लंघन कर रहा है, उसको थाने बुला कर जवाबतलब किया जा रहा है। उन्होंने यह भी माना कि पुलिस का काम बढ़ गया है।