श्रीनगर। श्रीनगर म्यूनिसिपल कार्पोरेशन (एसएमसी) के मेयर जुनैद मट्टू के खिलाफ वीरवार को करीब 43 पार्षदों की तरफ से दायर किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को मतदान होगा। हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि उनकी भाजपा के साथ कोई साझेदारी नहीं है। वहीं आज कांग्रेस की ओर से भी बयान जारी किया गया कि उनका कोई भी पार्षद इस प्रक्रिया के दौरान एसएमसी में मौजूद नहीं रहेगा। मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे।
एसएमसी में कुल 70 पार्षद हैं जिनमें से कांग्रेस के 16 और जेकेएनसी के 11 हैं जो चुनाव जीतने के बाद पार्टी में शामिल हुए हैं। अब देखना यह होगा कि मतदान के बाद क्या नतीजे आते हैं और अगर मेयर विश्वास मत बहाल नहीं कर पाते हैं तो उन्हें इस पद से हटना होगा और एक महीने के अंदर इस पद का चुनाव होगा।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लग रहे हैं कि 5 अगस्त के बाद से पार्टी घाटी के इस शक्तिशाली संस्थान पर अपना कब्जा जमाना चाहती है। पिछले साल दिसंबर में भी एक बार पहले ऐसी कोशिश की जा चुकी है जिसमें वह असफल रहे। वहीं भाजपा के मीडिया इंचार्ज मंजूर भट ने भी कुछ दिन पहले दिये गए बयान में यह कहा था कि वह इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। और उनके पास 27 पार्षद हैं जिनमें से 4 ने पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था जबकि बाकी बाद में पार्टी में शामिल हुए।
गौरतलब है कि यह राजनीतिक घटनाक्रम 10 जून को भाजपा महासचिव राम माधव के घाटी के दौरे के बाद सामने आया है। सूत्रों के अनुसार इस दौरे के दौरान राम माधव ने पार्षदों और एसएमसी के डिप्टी मेयर शेख इमरान से भी मुलाकात की थी।