पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डेकलेरेशन (पीएजीडी) की सात नवंबर को जम्मू में बैठक बुलाई गई है। 14 महीने की नजरबंद से रिहाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती करीब डेढ़ साल बाद जम्मू में छह नवंबर को पहुंचेंगी। सूत्रों के मुताबिक जम्मू में वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बैठक कर पार्टी में बगावत और कई बड़े नेताओं के जम्मू में पार्टी छोड़ देने के मुद्दे पर चर्चा करेंगी ताकि डैमेज कंट्रोल किया जा सके। कश्मीर से पार्टी नेताओं को जम्मू में अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि गुपकार गठबंधन की जम्मू में बैठक होने से पहले माहौल बनाया जा सके।
बैठक में नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के भी पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आगामी दिनों में जम्मू में सियासी हलचल काफी बढ़ने के आसार बन गए हैं। तिरंगे झंडे पर महबूबा मुफ्ती के बयान के बाद जम्मू में पीडीपी कार्यालय पर उतरे लोगों के गुस्से को देखते हुए गुपकार अलायंस जम्मू बैठक के दौरान नरम रुख अपना सकता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार जम्मू के लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार गुपकार अलायंस के नेता अपना पक्ष रखने की तैयारी में जुटे हुए हैं ताकि कश्मीर के बाद जम्मू में भी अपना आधार मजबूत कर सकें। अभी तक गुपकार अलायंस पर आरोप लगता रहा है कि इसमें केवल कश्मीर के नेता ही शामिल हैं। जम्मू संभाग के नेता इसमें नहीं हैं।