सांबा नगर परिषद की कुर्सी को लेकर डेढ़ माह से चल रही खींचतान से नगर का विकास रुक गया है। गत डेढ़ माह से पार्षदों की कोई बैठक नहीं हुई है, जबकि एक माह में सदन की चार से पांच बैठकें होती हैं।
म्यूनिसपल कमेटी में अध्यक्ष को लेकर डेढ़ माह से खींचतान चल रही है। पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव लाने पर यह कुर्सी खाली है। ऐसी स्थिति में नगर में पार्किंग की समस्या, नए बस अड्डे पर बसों की पार्किंग की समस्या, नगर की सफाई, स्ट्रीट लाइट समेत ऐसे कई मुद्देे हैं जिले लेकर सदन की बैठक में चर्चा की जाती, लेकिन वह सभी ठप पड़े हैं। पार्षदों की बैठक में नए विकास कार्यों की योजनाएं बनाई जाती हैं। बैठकें नहीं होने से सारा कामकाज प्रभावित हो रहा है। अब पार्षद विभाग पर ही निर्भर हैं।
सनद रहे कि कस्बे की 17 वार्डों वाली नगर परिषद के 9 पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ डेढ़ माह पूर्व अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसमें उपाध्यक्ष ने बैठक कर चर्चा करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बाद में तीन दिन का समय सीईओ के पास होता है। बैठक कर चर्चा करें। सीईओ ने बैठक की तिथि तय की, जबकि अध्यक्ष पवन कोहली ने अदालत में पहुंच कर स्टे ले लिया। इसको लेकर नगर परिषद के कार्य प्रभावित होने से विकास कार्यों पर भी फर्क पड़ रहा है।
कस्बे के वार्ड-7 में पहले ही सात लाख के फंड लैप्स हो गए हैं। गलियां बन जाने से सारे वार्ड के लोगों को फायदा होना था। अब एक बार फिर से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-रवि खजूरिया, पार्षद, वार्ड-7।
डेढ़ माह के दौरान पार्षदों की एक भी बैठक नहीं हुई है। सारा सिस्टम ही खराब हो रहा है। उन्हें पता ही नहीं चल रहा कि कहां क्या हो रहा है। बैठक में नई योजनाओं पर विचार विमर्श किया जाता है, लेकिन डेढ़ माह में सारा काम प्रभावित है।
-राज सिंह, पार्षद वार्ड-15।
पार्षदों की चार से पांच बैठकें एक माह में होती हैं। पार्षदों को प्रति बैठक का पांच सौ रुपये सरकार की ओर से दिया जाता है। बैठक में सफाई व अन्य मामलों पर चर्चा की जाती है, लेकिन डेढ़ माह से सब कुछ बंद है।
-कुमेर सिंह, पार्षद।
पार्षद अध्यक्ष की कुर्सी की खींचतान में लगे हैं। शहर के बारे में कोई नहीं सोच रहा है। पिछले दिनों पार्किंग को लेकर योजनाएं बनाई जा रही थीं, लेकिन डेढ़ माह से अध्यक्ष की कुर्सी की लड़ाई के कारण पार्किंग की समस्या पर कोई विचार नहीं हो पाया है।
-विक्रम संब्याल, वार्ड-16।
अध्यक्ष की कुर्सी की लड़ाई से सांबा को काफी नुकसान हो रहा है। कई विकास कार्य रुक गए हैं। जो चल रहे हैं उन पर भी कोई चेकिंग, गुणवत्ता की जांच नहीं हो रही है। अध्यक्ष की ओर से विकास कार्यों की पूरी तरह से जांच करनी होती है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।
-विक्की सिंह, वार्ड-15।
विकास कार्यों को प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है, वह जारी हैं। नगर परिषद के भवन के लिए मेगा प्रोजेक्ट के पांच करोड़ रुपये के फंड का काम भी शीघ्र ही शुरू कराया जाएगा। एक वर्ष के मेगा प्रोजेक्ट के लिए एक करोड़ के फंड आए हैं। उसमें पार्षदों के साथ बैठक कर ही निर्णय लिया जाएगा। विभाग की ओर से आम लोगों को कोई परेशानी न आए, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। माई टाउन माई प्राइड के कार्यक्रम के लिए भी तैयारी है।
-अमित चौधरी, सीईओ, नगर परिषद, सांबा।