जम्मू। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष योगेश साहनी ने तीन कृषि कानूनों को केंद्र सरकार की तरफ से वापस लेने को भाजपा के अहंकार की हार बताया है।
जम्मू में शनिवार को पत्रकार वार्ता में साहनी ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद भी प्रधानमंत्री ने आंदोलन के दौरान हुई किसानो की मौतों पर माफी नहीं मांगी है। किसान आंदोलन की वजह से चुनाव में निश्चित दिख रही हार को देखते हुए भाजपा सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा हैं। उन्होंने कहा किसानो की एकजुटता की जीत हुई हैं और कांग्रेस ने भी काले कृषि कानूनो को वापिस लेने को लेकर जो काम किया यह उसकी भी जीत हैं।
उन्होंने कहा भाजपा सरकार के अहंकार व काले कानून किसानों पर थोपने की वजह से किसान आंदोलन में 700 से ज्यादा कृषकों की जान चली गई और हजारों घायल हुए। उन्होंने कहा किसानों की अन्य मांगों जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य व अन्य को भी जल्द माना जाना चाहिए। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं में साहिल शर्मा, रीतु चौधरी, गजन सिंह, डॉ. रमाकांत खजूरिया, संजीव शर्मा, पवन देव सिंह और विरेंद्र सिंह मन्हास आदि भी मौजूद रहे।