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राणा बोले-अभी नेकां में ही हूं, जम्मू के हित के लिए कुर्बानी के लिए तैयार

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में चुनाव की सुगबुगाहट के बीच जम्मू और कश्मीर दोनों ही संभाग में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जम्मू में नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं। इस बीच पूर्व मंत्री व पीपुल्स मूवमेंट के अध्यक्ष जावेद मुस्तफा मीर ने पार्टी छोड़कर श्रीनगर में अपनी पार्टी में शामिल हो गए।
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नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने पार्टी छोड़ जल्द भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं के बीच कहा कि अभी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। अब भी वह नेकां के संभागीय अध्यक्ष हैं। जम्मू के हितों के लिए वह कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, जम्मू के हितों के लिए भाजपा समेत सभी दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और सिविल सोसायटी को भी एकजुट होना होगा, जैसा कि कश्मीर व लद्दाख के लोगों ने किया है। पूर्व मंत्री एवं डोगरा स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह ने सोमवार को देवेंद्र सिंह राणा से उनके निवास स्थान पर मुलाकात की। यहां उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि घर पर आने वाले किसी भी भाई, दोस्त या मेहमान का स्वागत करना मेरी जिम्मेदारी है।
राणा ने कहा कि लद्दाख में सभी दलों के नेताओं व सिविल सोसायटी ने एकजुट होकर अपनी मांगें मनवाई है। कश्मीर संभाग में भी पार्टियां व सिविल सोसायटी के नेता एकजुट हो गए हैं। जम्मू संभाग के डोगरों को भी संभाग के हितों के लिए एकजुट होना चाहिए। इसमें कांग्रेस, भाजपा, पीडीपी, नेकां, पैंथर्स हो या कोई अन्य पार्टी उसका कोई सवाल नहीं है। सवाल जम्मू संभाग के हित का है। इसलिए वह जम्मू के सभी नेता चाहे वह किसी भी पार्टी के हों, उनसे मिल रहे हैं। नौ महीना पहले उन्होंने 30 जनवरी को जम्मू घोषणापत्र जारी करते हुए सभी दलों से एकजुट होने का आह्वान किया था।
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अलग पार्टी बनाने का सवाल नहीं
अलग पार्टी बनाने के सवाल पर राणा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। वे जम्मू घोषणा के साथ खड़े हैं और अंतिम दम तक खड़े रहेंगे। यदि किसी को इस पर आपत्ति है तो उन्हें इसकी परवाह नहीं है। वहीं पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह ने कहा कि देवेंद्र सिंह राणा जम्मू के बड़े नेताओं में शामिल हैं। इसलिए वह उनसे मिलने आए हैं। जम्मू को अलग राज्य का दर्जा दिलाने के नारे लगाने वालों ने तो जम्मू को कश्मीर के साथ जोड़ दिया। लद्दाख को अलग यूटी बनाया गया और वहां के लोगों ने एकजुट होकर अपने सारे हितों की रक्षा कर ली। जम्मू के लोगों को भी एकजुट होने की जरूरत है।
भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं केवल मीडिया में
भाजपा के प्रदेश नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि प्रदेश स्तर पर देवेंद्र सिंह राणा के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं मीडिया में ही हैं। हालांकि उनका कहना है कि देवेंद्र सिंह राणा जैसे बड़े नेता अगर भाजपा में शामिल होंगे तो यह जम्मू में नहीं नई दिल्ली में किसी राष्ट्रीय नेता की मौजूदगी में कार्यक्रम होगा।
मान मनौव्वल भी शुरू, नासिर असलम वानी भी मिले
भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं के बीच देवेंद्र सिंह राणा की मान मनौव्वल भी शुरू हो गई है। सोमवार को कश्मीर के संभागीय अध्यक्ष नासिर अलसल वानी ने उनके गांधीनगर स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान पार्टी प्रमुख डा. फारूक अब्दुल्ला का संदेश भी दिया गया। सूत्र बताते हैं कि जल्द ही राणा श्रीनगर जाकर फारूक से मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि राणा ने पार्टी छोड़ी तो यह नेकां के लिए बड़ा झटका होगा। खासकर जम्मू संभाग में। इसका असर कश्मीर पर भी पड़ सकता है।
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