डाक विभाग डाक जीवन बीमा प्रीमियम पर पालिसी धारकों से 10.5 प्रतिशत कर वसूली कर रहा है। इस कर वसूली को लेकर पालिसी धारकों में रोष है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर जनरल सेल्ज़ टैक्स एक्ट 1962 की धारा 4 और 5 के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार मिलते हैं कि वह बीमा पालिसियों पर यूनिफार्म 10.5 प्रतिशत सर्विस टैक्स वसूल कर सकती है।
यह अधिकार 2007 से लागू होते हैं, जिन्हें डाक विभाग ने नवंबर, 2013 में लागू किया। इस नई नीति से राज्य में डाक जीवन बीमा पालिसी के दो लाख धारक प्रभावित हुए हैं। राज्य में सिर्फ सरकारी कर्मचारी, राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी, अधिकारी और सुरक्षा बलों का स्टाफ इस पालिसी को लेने का हकदार है।
आईआरडीए के निर्देशों पर डाक विभाग ने भी बीमा पालिसियों पर 10.5 प्रतिशत कर लेना आरंभ कर दिया, लेकिन आईआरडीए के निर्देशों में यह सर्विस टैक्स सिर्फ रिस्क प्रीमियम पर लागू होता है जो ग्रास प्रीमियम का दस प्रतिशत होता है और उस हिसाब से कुल प्रीमियम का डेढ़ प्रतिशत कर होता है।
कर्मचारियों को मेहनत की कमाई का इतना पैसा टैक्स के रूप में देना पड़ रहा है, जिस कारण से पालिसी धारकों में रोष की स्थिति पैदा हो गई है। कामर्शियल टैक्स कार्यालय के सूत्रों के अनुसार डाक विभाग ने जून तक रिटर्न डेढ़ प्रतिशत के हिसाब से ही जमा करवाया है।
- हमारी सरकार से बात चल रही है। टैक्स या तो डेढ़ प्रतिशत ही रहेगा या फिर बिलकुल नहीं रहेगा। पालिसी धारकों से लिया गया अतिरिक्त पैसा उन्हें वापस कर दिया जाएगा।
चंद्र प्रकाश, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल, डाक विभाग जम्मू कश्मीर सर्कल