यह उनके लिए एक शर्म की बात है अगर वो अभी भी कुर्सी पर कायम रहती हैं। लोन ने कहा कि या तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर अपने दिए बयान को वापिस लें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने से लोगों का 50 फीसदी गुस्सा कम हो सकता है।
हालांकि आजादी को लेकर अपनी राय सामने रखते हुए लोन का कहना था कि वह आधिपत्त नहीं बल्कि स्वायत्तता बहाल करने की मांग करते है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यहां के युवाओं के हाथों में हथियार, पत्थर, आदि लेकर आजादी के लिए लड़ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सेना अध्यक्ष के बयान पर पीडीपी ने चुप्पी साधी हुई है। इसको लेकर जब पीडीपी के सीनियर नेता नईम अख्तर से प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने स्पष्ट लफ्जों में कह डाला ‘मैं इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहता’ लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में हमारी एक सर्वदलीय बैठक हुई है।
जिसमें एक राजनीतिक फैसला लिया गया है जिसको लेकर हम दिल्ली जाकर बात करेंगे। लेकिन इस सबके बीच पीडीपी और भाजपा के बीच सीजफायर के सुझाव को लेकर मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
जहां पीडीपी एक तरफा सीजफायर के प्रस्ताव पर दिल्ली जाकर बात करने का इशारा दे रही है, वहीं भाजपा के तकरीबन सभी सदस्य दो तरफा सीजफायर की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर आतंकियों की ओर से गोली चलती है तो फिर उसका जवाब कैसे दिया जाएगा।