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कुपवाड़ा: जवानों पर चार पुलिसकर्मी को पीटने का आरोप, FIR दर्ज, सेना बोली- आरोप निराधार, मामला शांति से सुलझाया

Wed, 29 May 2024 05:52 PM IST
kumar गुलशन कुमार पीटीआई, जम्मू कश्मीर

सार

कुपवाड़ा में स्थानीय सेना और पुलिस में विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि सेना के जवानों ने पुलिसकर्मियों की थाने में घुसकर पिटाई की है। इस मामले में चार पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं। सेना ने मारपीट की खबर को निराधार बताया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सेना के जवानों द्वारा कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की पिटाई करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया। आरोप है कि एक सैन्य अधिकारी के नेतृत्व में सेना की एक टीम ने कथित तौर पर पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिसकर्मियों की पिटाई की। हालांकि, सेना ने मारपीट की खबर का खंडन किया है और इसे निराधार बताया है। वहीं, पुलिस की तरफ से मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

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सूत्रों के अनुसार, कुपवाड़ा पुलिस स्टेशन में तैनात विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) रईस खान, इम्तियाज मलिक और कांस्टेबल सलीम मुश्ताक, जहूर अहमद को मंगलवार देर रात सौरा के एसकेआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर बताई जा रही है।  

सूत्रों ने बताया है कि पुलिस की एक टीम एक मामले की जांच करते हुए कुपवाड़ा के बटपोरा में एक स्थानीय प्रादेशिक सेना के जवान के आवास पर कथित तौर पर छापा मारा था। इस कदम से स्थानीय सेना इकाई भड़क गई और फिर पुलिस स्टेशन में घुसकर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की पिटाई की। उधर, श्रीनगर स्थित एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है और वे अधिक जानकारी मिलने के बाद ही मामले में कोई टिप्पणी करेंगे।
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रक्षा प्रवक्ता ने कहा- मारपीट का आरोप निराधार, मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया

श्रीनगर स्थित रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस और सेना के जवानों के बीच विवाद और पुलिसकर्मियों की पिटाई की सूचनाएं गलत और निराधार हैं। प्रवक्ता ने कहा, 'पुलिस कर्मियों और प्रादेशिक सेना इकाई के बीच एक ऑपरेशनल मामले पर मामूली मतभेदों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।' 

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें धारा 307 (हत्या का प्रयास), 186 (लोक सेवकों के काम में बाधा डालना), 332 (स्वेच्छा से किसी लोक सेवक को उनके कर्तव्य के दौरान चोट पहुंचाना) और 365 (अपहरण) शामिल हैं।

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