कश्मीर संभाग में मोबाइल टावरों पर लगातार हो रहे हमलों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र ने रियासत सरकार को टावरों और संचालकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने को कहा है। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से रियासत सरकार को जारी की गई एडवाइजरी में हाल ही में मोबाइल टावरों पर हुए हमलों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की पुनर्समीक्षा करने के निर्देश जारी किए हैं।
केंद्र सरकार द्वारा मामले में हस्तक्षेप करने के बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा पुलिस विभाग को सभी मोबाइल टावरों और संचालकों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने और साथ ही आतंकियों से पूरी सख्ती से निपटने के निर्देश जारी किए हैं। मुफ्ती ने वरिष्ठ नागरिकों और पुलिस अफसरों से उच्च स्तरीय बैठक कर ताजा हालात की भी समीक्षा की गई।
उल्लेखनीय है कि सेल्यूलर आपरेटर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सीओएआई) और एसोसिएशन आफ यूनिफाइड टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स आफ इंडिया की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय से लिखित में इस मामले में हस्तक्षेप कर रियासत सरकार को उचित निर्देश जारी करने की अपील की गई थी। इसमें कहा गया था कि कश्मीर में हो रहे हमलों की दहशत में कुछ मुलाजिमों, रिटेलरों और फ्रेंचाइजियों ने काम करना बंद कर दिया है।
इससे कश्मीर में संचार सेवाएं प्रभावित हुईं हैं। उल्लेखनीय है कि सोपोर, पट्टन सहित कई अन्य इलाकों में आतंकी संगठन लश्कर ए इस्लाम द्वारा मोबाइल टावरों पर ग्रेनेड हमले करने के बाद सोमवार को श्रीनगर शहर के हब्बाकदल में भी एक मकान के परिसर में लगे दो टावरों पर ग्रेनेड फेंके गए थे। इससे कश्मीर में संचार सेवाएं काफी हद तक प्रभावित हुईं थीं।
इसका सीधा असर सरकारी कार्यालयों, बैंकों के कामकाज पर पड़ने के साथ ही शिक्षा, पर्यटन सहित अन्य अहम क्षेत्रों पर भी पड़ा। लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बाद केेंद्रीय दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने भी टावरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रियासत सरकार से उचित कदम उठाने को कहा था। पुलिस ने अब तक हुए हमलों की जांच के दौरान सोमवार को दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ अन्य संदिग्धों की भी शिनाख्त कर ली गई है।