तीन मुंहवाला रावण है..लक्ष्मण रेखा पार करते ही गए
आईजी ने कहा कि नशा पारंपरिक, केमिकल और मेडिसनल ड्रग्स का तीन मुंह वाला रावण है। लक्ष्मण रेखा पार की नहीं की गए। एक दूसरे को देखकर इस दलदल में न फंसे। अगर फंस भी गए तो डरना नहीं, उचित इलाज इससे छुटकारा देगा।
20 फीसदी से अधिक लाभ का ऑफर मिले तो सतर्क हो जाएं
साइबर अपराध पर छात्राओं से कहा कि यदि आपको कहीं भी इन्वेस्ट करने पर कोई वार्षिक 20 फीसदी से अधिक लाभ देने का आफर देता है, तो समझ जाएं। आपके साथ फ्राड हो रहा है।
नए अपराधिक कानून
आईजी ने नए अपराधिक कानूनों की जानकारी दी। पुराने कानून में दंड पर जोर दिया जाता था, अब न्याय पर जोर है। जैसे मोब लिंचिंग और स्नैचिंग अब अपराध है। संगठित अपराध शामिल है। इसके तहत अब अपराध करने वाले की अपराध से बनाई कमाई को जब्त कर पीड़ित को दी जाएगी। इसके अलावा भी कई जरूरी जानकारियां दीं।
कोर्ट जाने की जरूरत नहीं, डीसी कार्यालय में दे सकेंगे गवाही
आईजी ने जानकारी दी कि अगले दो वर्ष में जिला उपायुक्त कार्यालयों में डीसी सेंटर खुलने जा रहे हैं। इसके माध्यम से किसी मामले की गवाही देने के लिए कोट्र जाने की जरूरत नहीं। डीसी सेंटर में जाकर भी गवाही भी दे सकते हैं। अस्पतालों से गवाही भी दे सकते हैं।
खुद के जानने वालों का उदाहरण देकर साइबर अपराध के खतरों से किया आगाह
- ऑनलाइन जुआ: आईजी ने कहा कि यदि आप सोच रहे हैं कि कहीं पर दो हजार रुपये जमा करके अगले महीने चार हजार रुपये पा लेंगे तो आप मूर्खता कर रहे हैं। कहा- एक एमबीए करने वाली युवती ऐसे ही माया जाल में फंसी। एक ही रात में लाक लाख रुपये चले गए।
- पिग बुचरिंग: आईजी ने कहा कि मेरे कुक का दामाद सैन्यकर्मी है। 17 लाख रुपये उसने पिग बुचरिंग में गंवा दिए। पहले थोड़े पैसे जमा किए, इस पर कुछ पैसे बढ़े हुए मिले। बाद में खोया हुआ पैसा वापस लाने के चक्कर में 17 लाख रुपये चले गए।
- साइबर स्लेवरी: जाॅब के नाम पर विदेश बुला लेंगे। बंदी बनाकर काल सेंटर में साइबर अपराध कराएंगे।
- डिजिटल अरेस्ट: वीडियो काल करके अरेस्ट हो सकते हैं। आपको सीबीआई या पुलिस का अधिकार बनकर फोन करेंगे, डराएंगे और पैसे ऐंठ लेंगे।
स्टूडेंट्स की सक्रियता से प्रभावित हुए, कहा-आपको दिए जाएंगे प्रमाणपत्र
छात्र-छात्राओं के सवाल-जवाब को सुनकर,उनकी सक्रियात से आईजी बहुत प्रभावित हुए। कहा कि आपको प्रमाण पत्र दूंगा। जिन्हें प्रमाण दिया जाएगा, उनमें विशेष रैना, आकृति, अक्षदेव सिंह, इमरान हाशमी, साइमा तबस्सुम, अभिषेक चौधरी, नीतीश कुमार, रसिका पठानिया व मो. अयूब शामिल हैं।
संचार करते वक्त रहें सतर्क
एक वक्त था जब लैंडलाइन का इस्तेमाल होता था। अब मोबाइल फोन का इस्तेमाल हो रहा है। पहले सामान्य फोन थे और अब स्मार्ट फोन हैं। बदलते समय के साथ चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को बदलते समय के साथ बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में मदद मिलती है। के एस चंद्रशेखर, वीसी, क्लस्टर यूनिवर्सिटी